दिवाली करीब, गाँवों में शुरू हुई बारूद की खेती

दिवाली करीब, गाँवों में शुरू हुई बारूद की खेतीलाइसेंस धारक क्षमता से कई गुना ज्यादा बारूद और विस्फोटक पदार्थ एकत्रित कर रहे हैं।

मलिहाबाद-लखनऊ। दीपावली का पर्व नजदीक है। इसे देखते हुए क्षेत्र का अमेठिया सलेमपुर गाँव बारूद और विस्फोटक पदार्थों से घिर गया है। यहां बने गोदामों और तहखानों में लाइसेंस धारक क्षमता से कई गुना ज्यादा ऐसे ही पदार्थ एकत्रित कर रहे हैं। पिछले वर्ष पारा थानाक्षेत्र स्थित एक मकान में पटाखा बनाने के दौरान माता-पिता व पुत्री की मौत का दर्दनाक हादसा हुआ था। ग्रामीण आतंकित हैं कि अगर यहां भी विस्फोट हुआ तो कई गुना अधिक बड़ा हादसा हो सकता है। कस्बा व अमेठिया सलेमपुर गाँव के अलावा कई ग्रामीण इलाकों मे लाइसेंस की आड़ में बारूद का कारोबार चल रहा है, लेकिन अभी तक छानबीन व क्षमता की जानकारी लेने के लिए न तो प्रशासनिक अधिकारी आगे आए हैं और न ही पुलिस अधिकारी।

अमेठिया सलेमपुर गाँव के लोगों के दिलों में हादसे की अनहोनी का डर कायम है। यहां के निवासी राजेश का कहना है कि हम ग्रामीणों पर जुल्म किया जा रहा है।

बाहर के लोग आकर हम लोगों के गाँवों में बारूद की खेती कर रहे हैं। यदि ऐसे में कोई हादसा हो जाए तो इसका कौन जिम्मेदार होगा? अमेठिया सलेमपुर में स्थित तीन दर्जन से अधिक गोदामों की सुरक्षा के नाम पर एक चौकीदार नियुक्त है। गोदामों के चारों ओर कोई बाउण्ड्रीवाल नहीं है। शाम होते ही गोदामों के पास शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। इससे स्पष्ट है कि किसी भी वक्त कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

हादसे से निपटने के लिए यहां पर 2-4 खाली बाल्टियां, दो फायर गैस व दिखावे के लिए पानी के सूखे टैंक हमेशा रखे रहते हैं। ग्रामीण रामलखन व सुशील की मानें तो गोदाम के अन्दर चोरी से बनायी गयी बेसमेन्ट (तहखाना) में अवैध तरीके से बारूद से निर्मित माल (पटाखों) को रखा गया है। इससे साफ है कि मानकों की अनदेखी कर गोदामों को स्थापित किया गया है। लाइसेंस की आंड़ में लाइसेंस धारक क्षमता से अधिक माल का भण्डारण कर रहे हैं।

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