हर समाज आगे बढे़, हर क्षेत्र में उन्नति करें: डीएम

हर समाज आगे बढे़, हर क्षेत्र में उन्नति करें: डीएमअल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर समाजवादी पेंशन और शादी अनुदान के स्वीकृति पत्र बांटे।

स्वयं डेस्क/ अजय मिश्रा (कम्युनिटी जर्नलिस्ट) 33 वर्ष

कन्नौज। अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर डीएम डॉ. अशोक चंद्र ने कहा कि हर समाज को आगे बढ़ना चाहिए। हर क्षेत्र में तरक्की करनी होगी। उन्होंने अल्पसंख्यक वर्ग की बेटियों के शादी अनुदान, समाजवादी पेंशन योजना के अधिकार पत्र के साथ ही गांव कनेक्शन फाउंडेशन की ओर से मदरसों के प्रधानाचार्य को प्रमाण पत्र भी बांटे।

कार्यक्रम में पहुंचे छात्र-छात्राओं के अभिभावक।

रविवार को एडीएम आवास के सामने आयोजित हुए कार्यक्रम में डीएम ने कहा कि अपने अधिकार के बारे में अल्पसंख्यक लोग जाने। कभी-कभी जानकारी के अभाव में लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पाता है। एसपी दिनेश कुमार पी ने कहा कि भारत ऐसा देश है जहां पर अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों का काफी ख्याल रखा जाता है। उनके लिए अधिकार दिए गए हैं। कानून भी बना है। विकास के लिए भी काम हो रहे हैं। सीडीओ उदयराज यादव ने कहा कि सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। उन्होंने लोहिया आवास, समाजवादी पेंशन योजना, अल्पसंख्यक विभाग की योजनाओं के बारे में बताया। अन्त्येष्टि स्थल पर चहारदीवारी बनवाने के बारे में भी प्रकाश डाला। डीएमडब्ल्यूओ पवन सिंह विभाग और सरकार की ओर से कराए गए विकास कार्यों को गिनाया।

बच्चों को बताए गए सफलता के गुर।

उन्होंने बताया कि 511 कन्याओं को 20-20 हजार के हिसाब से शादी अनुदान जल्द मिलने की बात कही। 13 मदरसे एडेड और दो में मिनी आईटीआई के तहत कौशल विकास मिशन का प्रशिक्षण देने की बात कही। संचालन डीबीडब्ल्यूओ राजेश सिंह बघेल और मोहम्मद जैनुल ने किया। डीएसओ संतोष कुमार और पूर्ति निरीक्षक चक्रपाणि मिश्र ने अपने विभाग के साथ ही अल्पसंख्यक विभाग के बारे में बताया। डीएम ने मदरसा एस ए पब्लिक स्कूल हाजीगंज, मदरसा अरबिया काशिफ उल उलूम अहमदीटोला, मदरसा जामिया अरबिया कासिमुल उलूम बालापीर के प्रधानाचार्य और प्रतिनिधि को को स्वयं फेस्टिवल के प्रमाण पत्र बांटे। डीएमडब्ल्यूओ ने मदरसा फैजाने रजा पब्लिक स्कूल डुण्डवाबुजुर्ग के प्रतिनिधि को प्रमाण पत्र दिया। इस मौके पर एक्सईएन पीडब्ल्यूडी संजय श्रीवास्तव, शेख सलाउद्दीन, मोहम्मद साकिब, मुजीब रहमान आदि लोग मौजूद रहे।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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