रक्षा के क्षेत्र में बड़ी छलांग, भारत ने इंटरसेप्टर मिसाइल का किया सफल परीक्षण

रक्षा के क्षेत्र में बड़ी छलांग, भारत ने इंटरसेप्टर मिसाइल का किया सफल परीक्षणबैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण

नई दिल्ली। भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाते हुए बैलेस्टिक मिसाइल का आज सफल परीक्षण कर लिया है। इंटरसेप्शन टैक्नोलॉजी वाली इस मिसाइल ने ट्रायल के दौरान जमीन से 97 किलोमीटर की ऊंचाई पर दुश्मन मिसाइल को ढेर कर सकती है। इस इंटरसेप्टर को आईटीआर के अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से सुबह सात बजकर 45 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया।

पीडीवी नामक यह अभियान पृथ्वी के वायुमंडल से 50 किमी ऊपर बाहरी वायुमंडल में स्थित लक्ष्यों के लिए है।
रक्षा अनुसंधान विकास संगठन

उन्होंने कहा, ‘‘पीडीवी इंटरसेप्टर और दो चरणों वाली लक्ष्य मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण हुआ।'' लक्ष्य को दरअसल 2000 किमी से अधिक दूरी से आती शत्रु बैलिस्टिक मिसाइल के तौर पर विकसित किया। इसे बंगाल की खाड़ी में एक पोत से दागा गया।एक स्वचालित अभियान के तहत रडार आधारित प्रणाली ने शत्रु की बैलिस्टिक मिसाइल की पहचान कर ली।

रडार से मिले आंकडों की मदद से कंप्यूटर नेटवर्क ने आ रही बैलिस्टिक मिसाइल का मार्ग पता लगा लिया। पीडीवी को पूरी तरह तैयार रखा गया था। कंप्यूटर सिस्टम से जरुरी निर्देश मिलते ही इसे छोड़ दिया गया। यह अहम दिशासूचक प्रणालियों की मदद से अवरोधन बिंदू तक पहुंच गई। सभी कार्यों का निरीक्षण विभिन्न स्थानों पर स्थित टेलीमीटरी स्टेशनों ने तत्काल आधार पर किया।

पड़ोसी देशो को मिलेगा करारा जवाब

यह बैलेस्टिक मिसाइल पड़ोसी देशों को जवाब देने के लिए बड़ा हथियार बनेगी और भारत के लए सुरक्षा कवच का काम करेगी। भारत की सैन्य ताकत में भी इस मिसाइल का बड़ा इजाफा होगा। खासकर पाकिस्तान और चीन के हमलों का जवाब देने के लिए ये मिसाइल भारत के लिए काफी अहम रोल अदा कर सकती है।

हालाकिं पाकिस्तान और चीन पहले ही इस मिसाइल का परीक्षण करने में कामयाब रहे है। पाकिस्तान ने जनवरी 2017 में ही अपनी बैलिस्टिक मिसाइल अबाबील का सफल परीक्षण किया था। अबाबील न सिर्फ 2200 किलोमीटर की दूरी तक जमीन से जमीन तक मार करने में सक्षम है बल्कि उसके जरिए परमाणु हथियार भी ले जाया जा सकता है।

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