पर्यटन उद्योग से जुड़े मतदाताओं को गोवा चुनाव से उम्मीदें

पर्यटन उद्योग से जुड़े मतदाताओं को गोवा चुनाव से उम्मीदेंBJP के स्थानीय विधायक माइकल लोबोने तीन साल पहले इस स्थान को वेश्यावृत्ति और नशीले पदार्थों से मुक्त कराने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र में भूख हड़ताल की थी।

पणजी (भाषा)। गोवा में पर्यटन उद्योग से जुड़े मतदाताओं को विधानसभा चुनाव से अपने उद्योग में व्याप्त समस्याओं के वास्तविक समाधानों की उम्मीद है। आगामी चुनावों से उम्मीदें लगाने वाले इन मतदाताओं में खासतौर पर वे लोग हैं, जो उत्तरी तटीय पट्टी पर रहते हैं।

केंडोलिम की व्यस्त लेन में रेस्तरां चलाने वाले सदानंद मलिक ने बताया, ‘‘ये मुद्दे मूलभूत अवसंरचनाओं से जुड़े हैं। राज्य सरकार गोवा में पुल और राजमार्ग बनाने की शेखी बघारती है लेकिन तटीय पट्टी सिंक्वेरिम-केंडोलिम-कलांगुट-बागा उत्तर में मोरजिम और अश्वेम तक भीड़ से भरी है।'' पर्यटन के लिहाज से अहम इस क्षेत्र का व्यवसायी समुदाय अपनी परेशानियों के शीघ्र निवारण की राह देख रहा है। मलिक ने कहा कि पिछले पांच साल में कुछ मुद्दे सुलझा दिए गए लेकिन अब भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

रोजाना 100 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का निपटान करने के लिए सलीगांव में बने आधुनिक संयंत्र का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने एक कचरा निपटान संयंत्र लगाया है, जो इस पट्टी में पैदा होने वाले कचरे का निपटान करता है। यह एक बड़ी राहत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उचित सड़कों, तटों पर साफ-सफाई, उचित शौचालयों और कपड़े बदलने के कमरों, इस इलाके में चलने वाली वेश्यावृत्ति और नशीले पदार्थों के व्यापार जैसे मुद्दे अब भी छुए नहीं गए हैं। ये पर्यटन उद्योग को एक बडा नुकसान पहुंचाते हैं।''

BJP के स्थानीय विधायक माइकल लोबोने तीन साल पहले इस स्थान को वेश्यावृत्ति और नशीले पदार्थों से मुक्त कराने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र में भूख हड़ताल की थी। लेकिन पुलिस के कुछ छापों के बाद यह मामला मीडिया की नजर से ओझल हो गया और दोनों धंधे फिर से यहां फलने-फूलने लगीं।

लोबो ने कहा, ‘‘अवसंरचना के क्षेत्र में यहां बहुत कुछ किया जाना बाकी है। आप दशकों से उपेक्षा का शिकार रहे क्षेत्र का चेहरा रातोंरात नहीं बदल सकते।'' सिन्क्वेरिम से बागा पट्टी तक का क्षेत्र कचरा निपटान के लिहाज से भाग्यशाली रहा है लेकिन 105 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर पैदा होने वाले अपशिष्ट अब भी एक समस्या हैं।

गोवा शैक ओनर्स वेल्फेयर्स सोसाइटी के अध्यक्ष क्रूज कारडोसो ने कहा, ‘‘दक्षिण गोवा के तटों पर और उत्तर गोवा की तटरेखा पर अपशिष्ट संग्रहण नहीं किया जाता। सरकार को कलांगुट पट्टी पर कारगर रहे उपाय की तरह इस समस्या के समाधान पर भी काम करना चाहिए।'' कारडोसो ने कहा, ‘‘हमें पर्यटन की एक उचित नीति और शैक (छोटे मकानों) से जुड़ी एक नीति चाहिए। पारंपरिक शैक मालिकों को कारोबार करने दिया जाना चाहिए। हालिया नीति में इनमें से कई को छोड़ दिया गया था।''

उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2012 के चुनाव के दौरान BJP ने हमसे 21 साल पुरानी शैक नीति को बदलने का वादा किया था।'' गोवा विकास पार्टी के महासचिव लिनदोन मोंटेरियो ने कहा, ‘‘दक्षिण गोवा में पर्यटन से जुडे विभिन्न पक्षकार चाहते हैं कि मौजूदा दाबोलिम हवाईअड्डे का संचालन जारी रहे। इस हवाईअड्डे को बंद करना दक्षिण गोवा में व्यापार के लिए कयामत साबित होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘जो भी ये सुविधाएं देगा, वह मतदाताओं का दिल जीत लेगा।''

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