राजधानी में बुधवार को प्रदर्शन करेंगे ग्राम प्रधान

राजधानी में बुधवार को प्रदर्शन करेंगे ग्राम प्रधानप्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ। प्रदेश के 50 हजार से अधिक ग्राम प्रधान बुधवार को राजधानी में आन्दोलन करेंगे। लक्ष्मण मेला मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया जायेगा। आन्दोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय प्रधान संगठन कर रहा है। यह जानकारी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र चौधरी ने मंगलवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।

59163 ग्राम पंचायतों के हक की लड़ाई

चौधरी ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों के 822 विकास खण्ड क्षेत्रों से प्रधान आन्दोलन में भाग लेंगे। 59163 ग्राम पंचायतों के हक की लड़ाई संगठन लड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक सितम्बर से ग्राम स्वराज जागृत अभियान चलाया जा रहा है। रथ यात्रा के माध्यम से प्रदेश भर से होकर राष्ट्रीय नेतृत्व 19 अक्टूबर को लखनऊ पहुंच रहा है।

अब तक प्रधानों को प्राप्त नहीं हुए अधिकार

चौधरी ने बताया कि 1992 में 73वां संवैधानिक संशोधन किया गया था, जिसके तहत 29 विषय ग्राम पंचायतों के अधीन कर दिये गये थे। यह अधिकार वास्तव में प्रधानों को अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। देश भर में समान पंचायती राज व्यवस्था लागू नहीं है। सांसदों को दिया जाने वाला मानदेय लोकसभा सचिवालय के सचिव से एक रूपये अधिक निर्धारित है। इस तरह प्रधानों को ग्राम पंचायत अधिकारी से एक रूपये अधिक यानी कम से कम 30001 रूपये वेतन दिया जाना चाहिए। सेवाकाल के उपरान्त 10 हजार रूपये पेंशन तथा आकस्मिक निधन पर 20 लाख रूपये मुआवजा प्रधान के परिजनों को दिये जाने की मांग की जा रही है।

दोबारा सर्वे कराये जाने की मांग

2011 में कराई गई सामाजिक, आर्थिक गणना में 90 प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को शामिल नही किया गया। इससे वह योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। संगठन दोबारा यह सर्वे कराये जाने की मांग कर रहा है। 14वें वित्त आयोग की धनराशि से 50 हजार रूपये तक की कार्य योजना मंजूर किये जाने की सीमा कतई उपयुक्त नहीं है। चौधरी ने बताया कि इससे अधिक धनराशि खर्च किये जाने के लिए ग्राम पंचायत को एडीओ से लेकर जिलाधिकारी तक अनुमति लेनी होती है। जो पंचायती राज अधिनियम की मंशा के विपरीत है। यह शुद्ध रूप से ग्राम पंचायतों के संवैधानिक अधिकार का हनन है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि प्रधान 20 जून 2016 के शासनादेश से काफी नाराज हैं। सरकार ने पंचायत चुनाव में हारे हुए प्रत्याशी को समिति का उपाध्यक्ष बनाये जाने का जो आदेश किया है, ऐसे आदेश की कल्पना प्रजातंत्र में नहीं की जानी चाहिए।

इन क्षेत्रों से निकलेगी रथ यात्रा

चौधरी ने कहा कि प्रदेश की सभी 36 विधान परिषद सीटों पर पंचायत चुनाव में विजयी प्रतिनिधियों को भी प्रत्याशी बनाया जाना चाहिए। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के प्रदेश प्रभारी इंद्रपाल सिंह चौहान ने पत्रकारों को बताया कि 75 जिलों से होकर ग्राम स्वराज जागृति अभियान रथ यात्रा बुधवार को लखनऊ पहुंच रही है। जनपद भर के प्रधान बख्शी का तालाब ब्लाक में यात्रा का स्वागत करेंगे। रथ यात्रा वहां से निकल कर मड़ियॉव, परिवर्तन चौक, राजभवन, काली दास मार्ग चौराहा, मुंशी पुलिया, इंजीनियरिंग कालेज चौराहा होते हुए अलीगंज स्थित पंचायती राज महानिदेशालय में सम्पन्न होगी। निदेशक को ज्ञापन देकर यात्रा का समापन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर को लक्ष्मण मेला मैदान में जमा हो रहे 50 हजार से अधिक प्रधान अपनी मांगों को लोकर आवाज़ बुलन्द करेंगे।

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