कम्युनिस्ट क्रांति से फिदेल कास्त्रो का परिवार भी हुआ अलग थलग  

कम्युनिस्ट क्रांति से फिदेल कास्त्रो का परिवार भी हुआ अलग थलग  क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो।

हवाना (एपी) । क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो के करीब पांच दशक के शासनकाल में क्यूबा के कई परिवार कम्युनिस्ट क्रांति के कारण बंट गए। इसमें खुद उनका परिवार भी शामिल है। क्यूबियाई क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो (90 वर्ष) का आज लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया।

जहां क्यूबा के महान क्रांतिकारी नेता के भाई राउल उनके सबसे करीबी विश्वासपात्र बने और उनके बाद राष्ट्रपति भी बने वहीं उनकी बहन जुआना दक्षिण फ्लोरिडा में निर्वासत हुईं और कास्त्रो को उन्होंने ‘भयानक' व्यक्ति बताया, जिनसे उन्होंने करीब चार दशक तक बात नहीं की।

फिदेल के सबसे बड़े बेटे फिदेलितो क्यूबा के एक परमाणु वैज्ञानिक थे। वह एकमात्र ऐसे शख्स हुए, जिन्हें कास्त्रो के बच्चे के रूप में आधिकारिक मान्यता मिली। एक विवाहित रईस के साथ कास्त्रो के प्रेम संबंध से पैदा हुई सबसे बड़ी बेटी एलिना फर्नांडीज ने मियामी से निर्वासन रेडियो पर अपने पिता पर जमकर हमला बोला था।

कास्त्रो के शुरुआती विवाहेतर संबंधों से बढ़े उनके विशाल वंश को भी अन्य परिवारों की तरह असहमति की स्थिति में दुख का सामना करना पड़ा। कास्त्रो की लंबी बीमारी के दौरान उनके परिवार के बारे में गोपनीय रखी गई परतें खुलने लगी थी क्योंकि उनके सबसे छोटे बेटे और उनकी मां दालिया सोतो देल वेले उनके आसपास देखे गए।

हरी आंखों और गोरी काया वाली पूर्व स्कूल टीचर सोतो देल वेले की 1960 के दशक में क्यूबा के साक्षरता अभियान के दौरान कास्त्रो से मुलाकात हुई थी। यह उनके जीवन का सबसे लंबे समय तक चलने वाला संबंध था। वह सार्वजनिक तौर पर शायद ही कभी दिखीं और जब वह सत्ता में थे तो कास्त्रो के साथ वह कभी देखी नहीं गयीं। सोतो देल वेले से कास्त्रो के पांच बेटे हुए, जो अब अधेड आयु में हैं और उनमें से कोई भी राजनीति में सक्रिय नहीं है।



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