हेती में फैले हैजे में अपनी भूमिका मानने से संयुक्त राष्ट्र का इनकार एक ‘विफलता’: विशेषज्ञ

हेती में फैले हैजे में अपनी भूमिका मानने से संयुक्त राष्ट्र का इनकार एक ‘विफलता’: विशेषज्ञयह महामारी अब तक नौ हजार से ज्यादा जानें ले चुकी है।

संयुक्त राष्ट्र (एएफपी)। संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि हेती में कई साल से फैली हैजा की महामारी के लिए पूरी जिम्मेदारी लेने से संयुक्त राष्ट्र का इनकार एक विफलता है और इसे ठीक किया जाना एक कर्तव्य है। यह महामारी अब तक नौ हजार से ज्यादा जानें ले चुकी है।

इस बीमारी के फैलने को लेकर संयुक्त राष्ट्र के उन शांतिदूतों को आरोपी बताया जाता है, जिन्हें वर्ष 2010 के भूकंप के बाद वहां भेजा गया। वैश्विक संस्था ने यह तो माना है कि वह इस घातक बीमारी के प्रकोप से निपटने में हेती की मदद के लिए नैतिक आधार पर बाध्य है लेकिन वह इसके लिए कानूनी तौर पर जिम्मेदार होने से इनकार करता है और पीड़ितों की ओर से दायर मुकदमों को भी नजरअंदाज करता आया है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से राजनयिक छूट का इस्तेमाल किए जाने पर ये मामले अमेरिकी अदालतों में खारिज कर दिए गए।

भारी गरीबी और मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष रिपोर्टर फिलिप एल्स्टन ने कल कहा कि जिम्मेदारी मानने से इंकार कर देना ‘नैतिक आधार पर अस्वीकार्य, कानूनी तौर पर बचाव के अयोग्य, राजनीतिक तौर पर खुद को हराने वाला और समग्र तौर पर गैर जरुरी है।'' एल्स्टन ने कहा कि वैश्विक संस्था को हैजा से मारे गए हजारों लोगों के परिवारों के दावों के निपटान के लिए प्रक्रिया तय करनी चाहिए।

एल्स्टन महासभा की एक समिति को संबोधित करते हुए यह बात कह रहे थे। वह समिति को ऐसे समय पर संबोधित कर रहे थे, जब संयुक्त राष्ट्र हैजा पीड़ितों के परिवारों की मदद के लिए लगभग 20 करोड़ डॉलर के सहायता पैकेज लाने की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को ‘हेती की विफलता को सफलता की गाथा में बदलना चाहिए।''

हेती विश्व की सबसे भीषण हैजा महामारी का सामना कर रहा है, जहां घातक बैक्टीरिया संक्रमण के प्रति सप्ताह लगभग 500 मामले सामने आते हैं। इस माह की शुरुआत में मैथ्यू नामक चक्रवात के आने के बाद नए मामलों में वृद्धि हुई। हजारों लोगों के पास साफ पानी तक नहीं है। वर्ष 2010 से फैली इस बीमारी के कारण अब तक लगभग 9300 लोग मारे जा चुके हैं और आठ लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून दुख तो जता चुके हैं लेकिन उन्होंने इस त्रासदी के लिए माफी नहीं मांगी है। वह आने वाले हफ्तों में सहायता पैकेज सामने लाने वाले हैं। बान के प्रवक्ता स्टीफेन दुजैरिक ने कहा, ‘‘संगठन का कानूनी रुख हमें हेती में हैजे की समस्या से निपटने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने से रोकता नहीं है।'' उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संवेदना और एकजुटता के साथ काम कर रहा है।

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