शिकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश पर विवाद के बीच बदले गये पार्क निदेशक 

शिकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश पर विवाद के बीच बदले गये पार्क निदेशक फोटो: इंटरनेट 

देहरादून (भाषा)। बाघों के लिये फेमस जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान में शिकारियों की संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिये उन्हें देखते ही गोली मारने के आदेश पर छिड़े विवाद के बीच राष्ट्रीय उद्यान के प्रभारी निदेशक पराग मधुकर धकाते को उनके पद से हटा दिया गया है।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने बताया कि धकाते को कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के निदेशक पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह धीरज पांडे को यह जिम्मेदारी दी गयी है। राष्ट्रीय उद्यान की सर्वाधिक संवेदनशील दक्षिणी सीमा पर वन्य जीवों की हत्या और वन्य जीव अंगों के अवैध कारोबार के लिये कुख्यात बावरिया गिरोह की गतिविधियों के बारे में खुफिया एजेंसियों से मिली खबरों के मद्देनजर धकाते ने पिछले सप्ताह ये आदेश जारी किये थे।

इस अभियान में 150 वनकर्मियों को शिकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश के साथ तैनात करने के अलावा 388 कैमरा टैप भी लगाये गये थे। क्षेत्र के ग्रामीणों को भी इस आदेश से अवगत कराते हुए उन्हें रिजर्व के कोर क्षेत्र में अपने पशुओं को चराने के लिये नहीं लाने की सलाह दी गयी थी। धकाते ने यह भी कहा था कि पार्क घूमने आने वाले सैलानियों की भी सघन तलाशी ली जायेगी। हालांकि, शिकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश पर विवाद पैदा हो गया। इस संबंध में, प्रदेश के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डीवीएस खाती ने कहा था कि धकाते ऐसा कोई आदेश देने के लिये अधिकृत नहीं हैं।


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