प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश की मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश की मुख्य बातेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

लखनऊ। नये साल से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने नोटबंदी से जनता को मिले फायदों के बारे में बताने के साथ नोटबंदी के दौरान देशवासियों के धैर्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत के सवा सौ करोड़ नागरिक नए संकल्प के साथ नये साल का स्वागत करेंगे। पढ़िए प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु।

संबोधन के कुछ मुख्य बिंदु

  • नोटबंदी से पहले ईमानदार घुटन महसूस करते थे, लेकिन अब देश ऐतिहासिक शुद्धि का गवाह बना है।
  • दीपावाली के बाद देश के नागरिकों ने अप्रतिम राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया है। देशवासियों ने धैर्य का परिचय देते हुए लड़ाई लड़ी है।
  • देशवासियों ने जो कष्ट झेला, वह भारत के उज्जवल भविष्य के लिए मिसाल है।
  • सच्चाई और अच्छाई के लिए देशवासियों और सरकार ने कंधा से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी।
  • बड़े नोट गरीबों का हक छीन रहे थे। महंगाई और कालाधन बढ़ा रहे थे।
  • अब सरकार अपना काम करेगी, ईमानदारों की रक्षा करना सरकार का दायित्व और दुर्जनों का रास्ता दिखाना भी सरकार का काम है। सरकार सज्जनों के साथ है।
  • जिन बैंक कर्मियों ने बेइमानी और गंभीर अपराध किए हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
  • नये साल से बैंकों को सामान्य स्थिति में ले जाएंगे।
  • यह हास्यपूर्ण है कि सरकार के पास देश में सिर्फ और सिर्फ 24 लाख लोगों की आय 10 लाख रुपये सलाना से ज्यादा है। आप खोजेंगे तो आपको हर शहर में 10 लाख से ज्यादा आय वाले लोग शामिल जाएंगे। लोग की आय ज्यादा है, लेकिन अपनी आय सरकार को नहीं बताते हैं।
  • नोटबंदी के दौरान अर्थव्यवस्था से बाहर जो धन था, वह आज बैंकों में आ गया है। चालाकी खोजने वाले लोगों के आगे अब रास्ता बंद हो गये हैं।
  • नये साल में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के गरीब, निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्गीय व लघु व्यापारियों के लिए कई योजनाओं का एलान किया।
  • देश के गरीब, निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्गीय लोगों को प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत अपना घर बनाने के लिए 9 लाख के कर्ज पर ब्याज पर 4 प्रतिशत और 12 लाख के कर्ज पर 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं, योजना के तहत गाँवों में 33 प्रतिशत ज्यादा घर बनाएंगे। वहीं, गाँवों में घर बनाने या फिर पुन:निर्माण करने के लिए 2 लाख रुपये के कर्ज पर 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
  • बुआई के लिए किसानों ने जो कर्ज लिया था, सरकार किसानों के कर्ज का 60 दिन का खर्च वहन करेगी।
  • अगले तीन महीने में किसानों के 3 करोड़ क्रेडिट कार्ड को रूपे कार्ड में बदला जाएगा। रुपे कार्ड के जरिये किसान कहीं पर भी खरीदारी और बिक्री कर सकेंगे।
  • देश की गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में पंजीकरण, डिलीवरी, टीकाकरण और पौष्टिक आहार के लिए 6000 रुपये की मदद की जाएगी। यह धनराशि सीधे महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी। इस सुविधा से बाल मृत्य दर को कम करने में मदद मिलेगी।
  • पिछले साल की तुलना में इस वर्ष रबी की बुवाई 6 प्रतिशत ज्यादा हुई है। फर्टिलाइजर भी 9 प्रतिशत ज्यादा उठाया गया है।
  • नाबार्ड ने पिछले महीने 21 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की थी। इसमें सरकार ने बीस हजार करोड़ का इजाफा किया है। नाबार्ड को जो भी नुकसान होगा उसका वहन भी सरकार करेगी।
  • सरकार ने छोटे और लघु उद्योगों यानी एमएसएमई के तहत आने वाले छोटे कारोबारियों को तोहफा देते हुए क्रेडिट गारंटी को एक करोड़ रुपए से बढ़ाकर दो करोड़ रुपया कर दिया है। इससे छोटे कारोबारियों द्वारा लिए गए दो करोड़ रुपए के कर्ज की गारंटी सरकार लेगी। यह गारंटी एक ट्रस्ट के माध्यम से उठाया जाएगा।
  • डिजिटल ट्रांजेक्शन का क्रेडिट 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना तय किया गया है।
  • अब ऐसे व्यापारी जो दो करोड़ का व्यापार करते थे उनके टैक्स की गणना छह प्रतिशत के कराधान के तहत किया जाएगा। पहले यह आठ प्रतिशत के तहत की जाती थी।
  • मुद्रा योजना के तहत दी जाने वाली सुविधा को भी अब दोगुना करने का इरादा है। इस योजना के तहत पिछले वर्ष करीब साढ़े तीन करोड़ लोगों ने इसका फायदा उठाया है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार ने एक नई योजना शुरू करते हुए बैंक में ज्यादा रुपया आने पर डिपॉजिट की राशि पर ब्याज घटाने के नियम में बदलाव में किया है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों के खाते में यदि साढ़े सात लाख रुपए तक जमा हैं तो उनके लिए दस वर्ष के लिए आठ प्रतिशत का ब्याज तय किया जाता है। वे इस ब्याज की राशि को प्रतिमाह प्राप्त भी कर सकते हैं।

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