न्यायिक अधिकारियों की भर्ती के लिए समिति गठित

न्यायिक अधिकारियों की भर्ती के लिए समिति गठितप्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह केहर (फाइल फोटो)

नई दिल्ली (आईएएनएस)। भारत के प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह केहर ने अधीनस्थ न्यायपालिका में न्यायाधीशों की भर्ती को लेकर एक कैलेंडर तैयार करने के लिए न्यायाधीशों की एक कमेटी (सीओजे) का गठन किया है। प्रधान न्यायाधीश केहर ने इस बात का खुलास तब किया, जब वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने न्यायालय का इस ओर ध्यान दिलाया कि अधीनस्थ न्यायालयों में न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित मामले को सुनवाई के लिए काफी समय से सूची में शामिल नहीं किया गया है। विजय हंसारिया मामले में न्याय मित्र हैं।

कमेटी के दो से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर रिपोर्ट देने की संभावना है और राज्यों द्वारा कैलेंडर का पालन अनिवार्य होगा। हंसारिया ने बाद में कहा कि कुछ इसी तरह का कैलेंडर चार जनवरी, 2007 को अपने फैसले के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने तैयार किया था, लेकिन उच्च न्यायालयों सहित राज्यों ने अक्षरश: इसका पालन नहीं किया। सर्वोच्च न्यायालय ने चार जनवरी, 2007 को अपने फैसले में कहा था कि जिला न्यायाधीशों सहित अधीनस्थ न्यायपालिका में न्यायिक अधिकारियों की भर्ती की घोषणा 31 मार्च को होगी और समस्त प्रक्रिया सफल उम्मीदवारों द्वारा 31 अक्टूबर को ज्वॉइनिंग के साथ पूर्ण होगी।

हंसारिया ने इस ओर ध्यान दिलाया कि जब सर्वोच्च न्यायालय ने अधीनस्थ न्यायपलिका में न्यायिक अधिकारियों व न्यायाधीशों की भर्ती पर निगरानी रखनी शुरू की, तब 20 फीसदी रिक्तियां पाई गईं और बुधवार तक ये रिक्तियां 20-25 फीसदी के बीच हैं। 31 मार्च, 2016 को अधीनस्थ न्यायपालिका में न्यायिक अधिकारियों तथा न्यायाधीशों की कुल संख्या 21,017 होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तव में 16,135 न्यायाधीश ही हैं और 4,882 पद रिक्त पड़े हैं।

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