जम्मू-कश्मीरः पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में 10 लोगों की मौत, 27 लोग घायल 

जम्मू-कश्मीरः पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में 10 लोगों की मौत, 27 लोग घायल भारत के सर्जिकल ऑपरेशन के बाद से पाकिस्तानी सैनिकों ने अब तक 60 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है।

जम्मू। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा लगातार संघर्षविराम का उलंघन किया जा रहा है। मंगलवरा को पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगी बस्तियों और चौकियों और नियंत्रण रेखा पर सांबा, जम्मू, पुंछ और राजौरी में मोर्टार बम दागे, जिसमें दस लोगों की मौत हो गयी, 27 अन्य घायल हो गये। छह की मौत जम्मू फ्रंटियर पर हुई और चार की LoC के नजदीक। मृतकों में छह महिलाएं व दो बच्चे भी हैं।

भारत के सर्जिकल ऑपरेशन के बाद से पाकिस्तानी सैनिकों ने अब तक 60 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है।

पाकिस्तान द्वारा की गई इस गोली बारी में करीब तीन दर्जन घरों को नुकसान पहुंचा है, बड़ी संख्या में पशुओं की भी मौत हुई है। जम्मू सीमा पर ही नहीं है, LoC के कई सेक्टरों में भी पाकिस्तानी सैनिकों और रेंजरों ने 120 और 82 एमएम के मोर्टार बम जैसे भारी कैलिबर हथियारों का इस्तेमाल किया।

174 स्कूलों को बंद करने के आदेश

नागरिक ठिकानों पर हमले के मद्देनजर सरकार ने जम्मू जिले में सीमा से सटे इलाकों के 174 स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है।

भारतीय सेना ने तबाह की पाकिस्तान की 14 चौकियां

भारत ने भी इसका कड़ा जवाब दिया। राजौरी में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गये। वहीं, BSF ने जम्मू फ्रंटियर के रामगढ़ और अरनिया सेक्टरों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी रेंजरों की 14 चौकियों को ध्वस्त कर दिया।

हमले में इन लोगों की हुई मौत

रामगढ़ सेक्टर में मारे गये लोगों में माड़ा राम, उनकी बेटी अंजू देवी, ऋषभ (7) और अभि (5) एक ही परिवार के हैं। इनके अलावा स्वर्ण सिंह और रविंद्र कौर की भी गोलाबारी में मौत हो गयी। LoC पर राजोरी के मंजाकोट इलाके के पंजग्रांई गाँव में सास-बहु की मौत हो गयी। मालूम हो कि सोमवार को ही पुंछ और राजौरी जिलों में नियंत्रण के पार गोलीबारी की थी और गोले दागे थे, जिसमें एक सैनिक शहीद हो गया था, एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गयी थी और एक लड़की और दो सैनिक घायल हो गये थे।

BSF के डीआइजी धर्मेंद्र पारिख ने कहा कि BSF से पाक सेना नहीं लड़ सकती। इसलिए वह मासूम नागरिकों को निशाना बना रही है। सेना को सेना से लड़ना चाहिए। पड़ोसी देश महिलाओं नव बच्चों को निशाना बना रहा है।

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