“कब्र से निकाला जा सकता है जयललिता का शव?” हाइकोर्ट ने पीएमओ को भेजा ख़त

“कब्र से निकाला जा सकता है जयललिता का शव?” हाइकोर्ट ने पीएमओ को भेजा ख़ततमिलनाडू की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की एक पेंटिग। 

तमिलनाडू की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत को अभी ठीक से एक महीना भी नहीं बीता है लेकिन उनकी मौत पर सवाल उठने लगे हैं। इसी सिलसिले में मद्रास हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है जिसमें कहा गया है कि उनकी मौत जिन हालात में हुई वो एक तरह का संदेह को जन्म देते हैं। जनहित याचिका जस्टिस एस वैद्यनाथन और वी प्रतिबन की बेंच के सामने आई थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस वैद्यनाथन ने भी मामले में संदेह होने की बात मानी है। उन्होंने कहा, "मीडिया के साथ-साथ हम लोगों को भी शक है, जयललिता की मौत का सच सामने आना चाहिए"

इस जनहित याचिका को दायर किया है जयललिता की ही पार्टी AIDMK के एक कार्यकर्ता पीए स्टालिन ने। याचिका में उन्होंने कहा, "केवल चुनिंदा लोग ही उनके करीब थे। मृत्यु के बाद भी उनकी बीमारी और मौत की वजहों की जानकारी बाहर नहीं निकल पाई। ऐसे में अब जयललिता से संबंधित सारी बातें अब सार्वजनिक की जानी चाहिए"। याचिका में 1999 के कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले का भी हलावा दिया गया है जिसमें नेता जी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े राज़ से पर्दा उठाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज का आयोग बनाने की मांग की गई थी।

जयललिता के समर्थक

याचिका पर मद्रास हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार, तमिलनाडू सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय को नोटिस भेजकर पूछा है कि क्या सच जानने के लिए दफ़्न किये गए जयललिता के शव को कब्र से निकाला जा सकता है? ज़ाहिर है ये ख़बर तमिलनाडू में अम्मा समर्थकों के लिए किसी भूचाल से कम नहीं होगी। अगर ऐसा होता है तो वहां के सियासी हालात में भी उतार-चढ़ाव हो सकता है।

क्या था घटनाक्रम?

  • सितंबर की आखिर तक जयललिता बिल्कुल स्वस्थ थीं।
  • 4 अक्टूबर को ख़बर आई को वो 'बीमार' हैं और उन्हें अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। 5
  • अक्टूबर को अस्पताल की तरफ से आए बयान में कहा गया कि जया की हालत लगातार ठीक हो रही है
  • 6 अक्टूबर को तमिलनाडू सरकार की तरफ से भी यही बयान आया।
  • 10 अक्तूबर को फाइनैंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट में पार्टी के हवाले से बताया गया कि सीएम ठीक हैं।
  • 27 अक्तूबर को एआईएडीएमके ने दावा किया कि जयललिता की अस्पताल से छुट्टी पर फ़ैसला लिया जाना है।
  • 7 नवंबर को पार्टी ने बताया कि सब कुछ नियंत्रण में है। 15 दिल में डिस्चार्ज हो जाएंगी जयललिता।
  • 5 दिसंबर को जयललिता के निधन की ख़बर आई।

Share it
Share it
Share it
Top