जोधपुर कोर्ट ने 18 साल बाद अवैध शस्त्र मामले में सलमान खान को बरी किया

जोधपुर कोर्ट ने 18 साल बाद अवैध शस्त्र मामले में सलमान खान को बरी कियाजोधपुर कोर्ट ने कहा- आपको बरी किया जाता है।

जोधपुर। वर्ष 1998 में अवैध शस्त्र मामले में जोधपुर कोर्ट में मजिस्ट्रेट दलपत सिंह राजपुरोहित ने मशहूर अभिनेता और हरदिल अजीज सलमान खान (51 वर्ष) को बरी किया गया।

अभिनेता सलमान खान को राहत देते हुए एक निचली अदालत ने 18 साल पहले दो काले हिरणों के कथित शिकार से संबंधित शस्त्र कानून के तहत दर्ज एक मामले में उन्हें सभी आरोपों से आज बरी कर दिया और कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मुकदमा चलाने की मंजूरी देना एक ‘‘नासमझ कदम'' था।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दलपत सिंह राजपुरोहित ने 102 पन्ने के आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष सलमान के समय सीमा पूरी कर चुके लाइसेंस के साथ आग्नेयास्त्र रखने एवं उसका इस्तेमाल करने के आरोप साबित नहीं कर सका। अभिनेता सलमान खान अपनी बहन अल्वीरा के साथ अदालत में मौजूद थे।

बरी होने के बाद सलमान ने अपने प्रशंसकों की दुआओं एवं शुभकामनाओं के लिए ट्विटर पर उनका आभार जताया।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘इस समर्थन एवं शुभकामनाओं के लिए आप सबका शुक्रिया।''

अभियोजन पक्ष के अनुसार अभिनेता सलमान खान ने वर्ष 1998 में जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ साथ है' की शूटिंग के दौरान एक और दो अक्तूबर की मध्यरात्रि को राजस्थान के जोधपुर में कनकनी गाँव में दो काले हिरणों के शिकार मेंं ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया था जिनके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी।

अदालत ने कहा कि (तत्कालीन) जिला मजिस्ट्रेट (रजत कुमार मिश्रा) द्वारा मुकदमा चलाने के लिए दी गयी मंजूरी को सोच विचार के बगैर दिया गया आदेश करार दिया। अदालत ने कहा कि यह वह विस्तृत आदेश नहीं था।अदालत ने साथ ही कहा कि सलमान को इसके लिए बेवजह तकलीफों का सामना करना पड़ा।

आदेश में कहा गया है कि सवालों के घेरे में रहो सलमान का लाइसेंस आठ अगस्त, 1999 तक वैध था और कथित शिकार के समय बस उसका दोबारा नवीनीकरण नहीं किया गया था जिसका मतलब यह नहीं है कि उसकी अवधि खत्म हो गई।

इसमें कहा गया, ‘‘इस शर्त के लिए लाइसेंस धारक को पुलिस को अपने हथियार सौंप देने चाहिए, ऐसा नहीं होने पर उसपर शस्त्र अधिनियम की धारा 3-25 और 27 की बजाय धारा 21 के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए।'' अदालत ने साथ ही कहा कि उस समय केवल उनका लाइसेंस अवैध था ना कि उनके हथियार और इसलिए अभिनेता के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा तीन के तहत नहीं बल्कि 21 के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।

मजिस्ट्रेट ने जब फैसला सुनाया तब सलमान के चेहरे पर सामान्य भाव थे। हालांकि उन्होंने अदालत में मौजूद वकीलों का आभार जताया और परिसर से बाहर निकलने से पहले उन्हें ऑटोग्राफ भी दिए। वहां से बाहर निकलते समय अभिनेता ने अदालत परिसर में बड़ी संख्या में खड़े अपने प्रशंसकों की तरफ हाथ भी हिलाया।

सलमान दिन में 11 बजकर 45 मिनट पर फैसला सुनने के लिए अदालत पहुंचे और वहां मुश्किल से 15 मिनट रहे।अब सलमान को 25 जनवरी को दोबारा अदालत में पेश होना है जब अदालत काले हिरणों के शिकार के मामले में उनके बयान दर्ज करेगी।

बचाव पक्ष के वकील सारस्वत ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत ने ‘‘हमारी दलीलों को मान लिया कि खान को मामले में फंसाया गया था।'' अभियोजन पक्ष के वकील बी एस भाटी ने कहा कि वे फैसले का अध्ययन करने के बाद सलमान को बरी करने के फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील करेंगे।

शस्त्र अधिनियम मामला अभिनेता के खिलाफ दर्ज चार मामलों में से एक है. जहां राजस्थान उच्च न्यायालय ने उन्हें चिंकारा के शिकार के दो मामलों में बरी कर दिया है, वहीं दो काले हिरणों के कथित शिकार के मामले में सुनवाई चल रही है।

सलमान की पेशी को देखते हुए अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी। वहां करीब 150 पुलिसकर्मी तैनात थे।

जानें इस केस में कब क्या हुआ

  • राजस्थान में फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान फिल्म अभिनेता सलमान खान , फिल्म अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे, तबू, नीलम और कई कलाकारों पर दुर्लभ काले हिरन के शिकार का आरोप लगाया गया था।
  • दो अक्टूबर, 1998 को सलमान खान सहित सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराई गई थी. उन पर 28 सितंबर, 1998 की आधी रात को राजस्थान के मथानिया और भवाद गांव में काले हिरण के शिकार का आरोप तय किया गया था।
  • 12 अक्टूबर, 1998 को सलमान खान को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 15 अक्टूबर को जमानत दे दी गई थी. इसके बाद 17 अक्टूबर को उन्हें रिहा कर दिया गया था।
  • 10 अप्रैल, 2006 को लोअर कोर्ट ने सलमान खान को वन्य जीवन कानून की धारा 51 और 52 के तहत दोषी ठहराते हुए पांच साल कैद की सजा सुनाई थी. इस मामले में उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
  • 24 अगस्त, 2007 को सेशन कोर्ट ने लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ सलमान की अपील को खारिज करते हुए उन्हें दोषी ठहराने के फैसले और उनकी सजा को बरकरार रखा था।
  • 31 अगस्त, 2007 को राजस्थान हाई कोर्ट ने सलमान खान की सजा को रद्द कर दिया था।
  • 12 नवंबर, 2013 को हाई कोर्ट ने सलमान खान को दोषी ठहराए जाने के लोअर कोर्ट के फैसले को भी निलंबित कर दिया।

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