सूबे की ओडीएफ रैंकिंग में कन्नौज का दूसरा स्थान

सूबे की ओडीएफ रैंकिंग में कन्नौज का दूसरा स्थानजनपद में खुले में शौच जाने से लोग कर रहे हैं परहेज। (प्रतीकात्मक तस्वीर; साभार: गूगल इमेज)

  • 225 दिनों में 47 हजार शौचालय बने, 32 टीमें कर रहीं काम
  • 504 में 106 ग्राम पंचायत हो चुकी खुले में शौच से मुक्त

स्वयं डेस्क

कन्नौज। देश में चल रहे स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अभियान में कन्नौज अन्य जनपदों की अपेक्षा यूपी में काफी अच्छी स्थिति में है। ओडीएफ में सफलता पाने वाले जनपदों की रैंकिंग में कन्नौज का दूसरा स्थान आया है। 225 दिनों में 47 हजार शौचालय बनाए जा चुके हैं।

इस महीने खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत उत्तर प्रदेश की जिलेवार रैंकिंग की गई। शौचालय निर्माण, उसकी फीडिंग और फोटो अपलोड करने के मामले में पहला स्थान बिजनौर का आया है। डीएम डॉ. अशोक चंद्र ने बताया कि फोटो अपलोड कुछ कम होने की वजह से कन्नौज का दूसरा स्थान आया है। वैसे कन्नौज की प्रगति सूबे में सबसे अच्छी है। इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल 2016 से 16 नवम्बर तक जिले में 47 हजार शौचालय बनाए जा चुके हैं। डीपीआरओ जेके केसरवानी का कहना है कि जिले को ओडीएफ करने के लिए 32 टीमें काम कर रही हैं। हर टीम में पांच सदस्य हैं। टीमें ग्रामीणों का सीएलटीएस से व्यवहार परिवर्तन कर रही हैं। साथ ही पांच दिनों तक गाँव में कैंप कर ट्रिगरिंग, सुबह-शाम फॉलोअप का काम करती हैं। डीपीआरओ का कहना है कि जिले की 504 ग्राम पंचायतों में 106 ओडीएफ हो चुकी हैं। दिसम्बर तक कन्नौज को ओडीएफ करने का लक्ष्य है।

जनपद में होंगे कई कार्यक्रम

डीपीआरओ ने बताया कि कन्नौज सदर ब्लॉक क्षेत्र के बेहरिन गाँव में गौरवयात्रा निकाली जाएगी। यह ग्राम पंचायत खुले में शौच से मुक्त हो चुकी है। इसके अलावा गई ग्राम पंचायतों में ट्रिगरिंग का काम चलेगा। स्कूल-कॉलेजों में रैलियां भी निकाली जाएंगे। स्वच्छता का संदेश पूरे जिले में दिया जाएगा।

ड्रेस मिली, 230 रुपये भी मिल रहा

ओडीएफ कार्य में लगे लोगों का मनोबल कम न हो, इसलिए हर रोज 230 रूपये कि हिसाब से दिया जा रहा है। पांच दिन में भुगतान पूरा कर दिया जाता है। इसके अलावा सर्दियों के लिए चमकीली डेªस भी दे दी गई है। पहले शौचालय के हिसाब से पैसा मिलता था।

ओडीएफ कमांड रूम से निगरानी

विकास भवन में खुले में शौच से मुक्त अभियान के तहत कमांड रूम बनाया गया है। इससे पूरे मिशन की निगरानी होती है। डीपीआरओ ने बताया कि हर ब्लॉक के लिए एक-एक कुल आठ कम्प्यूटर लगे हैं। यह जिला समन्वयक स्वच्छता वरूण यादव के नियंत्रण में काम कर रहा है। हर रोज की गतिविधियों के अलावा फोटो अपलोडिंग, ऑनलाइन इंट्री यहां की जाती है।

शौचालय निर्माण का काम जिले में तेजी से चल रहा है। जल्द ही लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। सूबे में कन्नौज का काम दूसरे नंबर पर है। जिले में कई टीमें काम कर रही हैं।
डॉ. अशोक चंद्रजिलाधिकारी, कन्नौज।

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