बड़े नोट बंद होने से अस्पतालों में टले ऑपरेशन

बड़े नोट बंद होने से अस्पतालों में टले ऑपरेशनप्रधानमंत्री के आदेश के बावजूद अस्पतालों में गम्भीर मरीजों के ऑपरेशन टाल दिए गए।

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच सौ और हज़ार के नोटों को मंगलवार रात से बन्द कर दिया, लेकिन इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा था कि अस्पतालों में फिलहाल नोट 11 नवम्बर तक चलेंगे, जिससे मरीजों को कोई परेशानी न हो। प्रधानमंत्री के आदेश के बावजूद लखनऊ के लारी कार्डियोलॉजी अस्पताल में गम्भीर मरीजों के ऑपरेशन टाल दिए गए।

राजधानी का लारी एक मात्र ऐसा अस्पताल है, जहां दिल की बीमारियों के गम्भीर मरीज आते हैं। हर रोज यहां 10 से 15 मरीजों का ऑपरेशन होता है, लेकिन बुधवार को इन गम्भीर मरीजों के दर्द की परवाह न करते हुए ऑपरेशन के मरीजों को वापस भेज दिया गया। ओटी में उसी मरीज का ऑपरेशन किया गया, जिसका पैसा पहले से ही जमा हो चुका था।

बरहापोस्ट वारीकला तहसील पट्टी प्रतापगढ़ के निवासी राकेश कुमार बुधवार को अपनी मां की एन्जीओप्लास्टी हार्ट सर्जरी कराने आए थे। डॉक्टर ने 50,000 का खर्चा बताया था। यहां आए तो पता चला ऑपरेशन के लिए पैसे ही नहीं जमा हो रहे हैं उन्होंने तमाम डॉक्टर की मिन्नतें की मां के ऑपरेशन के लिए, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका। राकेश कुमार ने चेक के जरिए पैसे जमा करने की बात भी कही, लेकिन डॉक्टरों ने उसे वापस ले जाने की सलाह दे दी और कहा, अगले बुधवार को आना। तमाम मिन्नतें करने के बावजूद राकेश कुमार को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।

हम क्या करें, बाहर से समान ही नहीं ला पा रहे हैं। जब ऑपरेशन का सामान ही नहीं होगा तो हम ऑपरेशन कैसे करेंगे? समान न ला पाने के कारण ऑपरेशन टाले गए हैं।
डॉ. वीएस नारायण, लारी विभागाध्यक्ष

राउंड फिगर में जमा किए गए रुपए

पीजीआई में आए मरीजों से राउंड फिगर में पैसे जमा कराए गए। जैसे दो हजार या 1500। यदि किसी पेशेंट को सात सौ रुपए देने थे तो उससे एक पांच सौ और दो सौ के नोट लिए गए। पीजीआई के डायरेक्टर राकेश कापूर ने बताया कि फिलहाल मेंरे पास पांच सौ या हजार के नोटों को लेकर कोई शिकायत नहीं आई है। रोज की तरह सब कुछ सामान्य ही रहा।

स्वैप मशीन होती तो न टलते ऑपरेशन

लारी अस्पताल में हर रोज 10 से 15 ऑपरेशन होते हैं। ऐसे में हर रोज वहां लाखों रुपए जमा होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में रुपए जमा होने के बावजूद यहां स्वैप मशीन नहीं है। स्वैप मशीन न होने के कारण यहां तीमारदारों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया, जिनके पास कैश में रुपए नहीं थे।

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