मूंगफली की खेती: आधी उपज से भी कम मिली फसल

मूंगफली की खेती: आधी उपज से भी कम मिली फसलउम्मीद से कम फसल उपजने से मायूस हुए मूंगफली बोने वाले किसान।

संदीर गौतम (कम्यूनिटी जर्नलिस्ट)

रायबरेली। सतांव क्षेत्र में रहने वाले संजय चौधरी ( 34 वर्ष ) इस बार अपनी मूंगफली का फसल से बेहद निराश हैं। कड़ी मेहनत से उगाई गई अपनी फसल का उन्हें केवल आधा हिस्सा ही मिला है।

अहमदपुर गाँव के रहने वाले संजय बताते हैं कि हम 10 बीघे खेत में मूंगफली उगाते हैं, जिससे हमें दो से तीन कुंतल मूंगफली की पैदावार आसानी से मिल जाती थी। इस बार हमें पूरे में सिर्फ दो बोरे मूंगफली ( 30 किलों) ही मिली है।

विश्व में सबसे बड़ा मूंगफली उत्पादक देश भारत है। इसकी सबसे ज्यादा पैदावार गुजरात में होती है।उत्तरप्रदेश में मूंगफली की खेती मुख्यता झांसी, हरदोई, सीतापुर, कानपुर, उन्नाव, बरेली, बदायूं, एटा, मैनपुरी, फर्रु खाबाद, मुरादाबाद, रायबरेली एवं सहारनपुर में की जाती है।

'' तीन कुंतल मूंगफली का बाज़ार भाव नौ से दस हज़ार मिल जाता है वहीं इस बार की पैदावार से दो हज़ार रुपए भी मिलना मुश्किल लग रहा है।'' संजय आगे बताते हैं। गुजरात के आयलसीड प्रोसेसर्स एसोसिएशन (जीओपीए) के मुताबिक, अक्टूबर 2013 से भारत के अंतरराष्ट्रीय मूंगफली व्यापार में लगातार कमी आई है।

रायबरेली में मूंगफली की खरीद बड़े स्तर पर लालगंज की मंडी में होती है। पिछले आठ वर्षों से कानपूर, रायबरेली और उन्नाव जिलों के किसानो से मूंगफली खरीद रहे लालगंज मंडी के व्यापारी लल्लन सिंह बताते हैं," पिछली बार कच्ची मूंगफली का रेट 70 से 80 रूपए था, जिसे हम भुनवाकर 100 से 120 रूपए तक बेंचे थे। इस बार फसल की पैदावार ज़्यादा अच्छी नहीं है।इसका असर भाव पर भी पड़ेगा।" केंद्रीय तेल उद्योग एवं कारोबार (सीओओआईटी) के मुताबिक भारत में वर्ष 2014 -15 के दौरान खरीफ मूंगफली का उत्पादन 24 फीसदी कम हुआ है।

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