लखनऊ हवाई अड्डा कैट-3 बी तकनीक से हुआ लैस, अब घने कोहरे में भी उतर सकेंगे विमान

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   28 Oct 2016 12:41 PM GMT

लखनऊ हवाई अड्डा कैट-3 बी तकनीक से हुआ लैस, अब घने कोहरे में भी उतर सकेंगे विमानउत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह हवाईअड्डे पर अब कोहरे की वजह से उड़ानें प्रभावित नही होंगी।

लखनऊ (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह हवाईअड्डे पर अब कोहरे की वजह से उड़ानें प्रभावित नही होंगी। अधिकारियों के मुताबिक, अब लखनऊ हवाईअड्डा कैट-3 बी तकनीक से लैस हो गया है।

हवाईअड्डे के अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ हवाई अड्डे को गुरुवार को डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) से मंजूरी मिल गई। लखनऊ में कैट 3 बी के उपकरण कुछ महीनों पहले ही लगा दिए गए थे, सिर्फ मंजूरी मिलने का इंतजार था। अब लखनऊ हवाई अड्डे पर घने कोहरे में भी विमान उतर सकेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि कैट-3 तकनीक को हासिल करने में करीब 40 करोड़ रुपए का खर्च आया है। इस बार सर्दियों में विमान से लखनऊ आने वाले यात्रियों को कोहरा होने पर निराश नहीं होना पड़ेगा। कैट-3 बी श्रेणी के तहत अत्याधुनिक उपकरणों से 50 मीटर की दृश्यता होने पर भी विमान उतारे जा सकेंगे।

दिल्ली के बाद लखनऊ और जयपुर ऐसे हवाईअड्डे बन गए हैं, जिनको कैट-3 बी का दर्जा मिला है।
पी.के. श्रीवास्तव निदेशक चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा

उन्होंने बताया कि इसके अलावा दुनिया भर में चंद हवाईअड्डे ही ऐसे हैं, जिन्हें यह दर्जा मिला है। मौजूदा समय में लखनऊ हवाईअड्डे से घरेलू व अन्तर्राष्ट्रीय 90 उड़ानें संचालित होती हैं। इनमें से 45 लखनऊ आती हैं और इतनी ही संख्या में उड़ानें यहां से दूसरे हवाईअड्डे के लिए उड़ान भरती हैं।

कैट-3 तकनीक

उल्लेखनीय है कि कैट-3 तकनीक के तहत रनवे को इस लायक बनाया जाता है कि घने कोहरे में भी विमान उतारे जा सकें। इसके लिए लखनऊ हवाईअड्डे पर सरफेस मूवमेंट राडार लगाया गया है। यह रनवे पर होने वाली किसी भी हरकत को एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम के मॉनीटर पर दर्शाता है।



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