सबका सहारा बना यूपी 100, एक कॉल पर लोगों को मिल रही मदद

सबका सहारा बना यूपी 100, एक कॉल पर लोगों को मिल रही मददकानून-व्यवस्था और लोगों को सुरक्षा देने में यह सेवा बहुत काम आ रही है। जिसके कारण यह सेवा दिनों-दिन लोकप्रिय हो रही है।

लखनऊ। ऑपरेशन स्माइल की तर्ज पर यूपी 100 सेवा अपने घर-परिवार से भटके और गुमशुदा बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचा रही है। वहीं घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ ही जानवरों की भी रक्षा कर रही है। ऐसे और कई उदाहरण हैं, जिनमें यूपी 100 के जांबाज सिपाही मददगार साबित हो रहे हैं।

बिछड़े बच्चे को परिवार से मिलवाया

मिर्जापुर के थाना विंध्याचल क्षेत्र में शुक्रवार को भास्कर सिंह नामक व्यक्ति ने यूपी 100 कॉल करके एक 12 साल के एक लावारिस लड़के के मिलने की सूचना दी। इस सूचना पर यूपी 100 ने पीआरवी संख्या-1081 को मौके पर रवाना किया। पीआरवी पर तैनात मुख्य आरक्षी भोला यादव, आरक्षी सुरेश यादव और चालक आरक्षी अशोक कुमार ने मौके पर पहुंचकर लड़के को अपने संरक्षण में लिया। जांच-पड़ताल के बाद लड़के ने पिता का नाम ज्योतिष पांडे निवासी ग्राम नया प्रयागपुर बताया। पिता और गाँव के नाम के आधार पर पुलिस ने कई जिलों से जानकारी लेने के बाद लड़के का पता खोज लिया। लड़के की पहचान जनपद आजमगढ़ के थाना जियनपुर के ग्राम नया प्रयागपुर के निवासी के रूप में हुई। लड़के के परिजनों को इसकी सूचना दी गई है और लड़के को विंध्याचल थाने के सुपुर्द कर दिया गया।

यूपी 100 सेवा प्रदेश के नागरिकों की आपात स्थिति में मदद के लिए सबसे पहले पहुंच रही है। इस सेवा का आम लोग भी खूब लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश की कानून-व्यवस्था और लोगों को सुरक्षा देने में यह सेवा बहुत काम आ रही है। जिसके कारण यह सेवा दिनों-दिन लोकप्रिय हो रही है।
जावीद अहमद, डीजीपी, उत्तर प्रदेश पुलिस

यूपी 100 सेवा प्रदेश के नागरिकों की आपात स्थिति में मदद के लिए सबसे पहले पहुंच रही है। इस सेवा का आम लोग भी खूब लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश की कानून-व्यवस्था और लोगों को सुरक्षा देने में यह सेवा बहुत काम आ रही है। जिसके कारण यह सेवा दिनों-दिन लोकप्रिय हो रही है।

जावीद अहमद, डीजीपी, उत्तर प्रदेश पुलिस

बंधक युवक को यूपी 100 ने कराया मुक्त

मथुरा के थानाक्षेत्र नौझील के ग्राम लालपुर में कुछ व्यक्तियों ने एक युवक को बंधक बना लिया। शुक्रवार को एक व्यक्ति ने कॉल करके इसकी सूचना यूपी 100 को दी। इसके बाद यूपी 100 की पीआरवी संख्या-1938 ने कार्रवाई करते हुए बंधक व्यक्ति को मुक्त कराया और अग्रिम कार्रवाई करते हुए मामला थाना नौझील के सुपुर्द कर दिया। यूपी 100 की कार्रवाई पर गाँव के लोगों ने खुशी जताई।

विदेशी पयर्टकों ने यूपी 100 को थैंक्यू बोला

शुक्रवार को आगरा के श्मशान घाट रोड पर जाम के कारण विदेशी पर्यटकों के फंसे होने की सूचना मिली। इसके बाद यूपी 100 ने पीआरवी संख्या-0033 को मामले की सूचना भेजी। यह पीआरवी मात्र 7 से 8 मिनट में मौके पर पहुंच गई और जाम में फंसे विदेशी पर्यटकों को जाम से निजात दिलाई। यूपी 100 की इस कार्रवाई के लिए पर्यटकों ने जमकर सराहना की और थैंक्यू बोला।

हिरण के बच्चे की बचाई जान

रायबरेली के ग्राम बदरामऊ मिलएरिया इलाके से एक व्यक्ति ने यूपी 100 पर कॉल करके हिरण के बच्चे को कुछ कुत्तों से घायल कर देने की सूचना दी। यूपी 100 ने सूचना मिलते ही तत्काल पीआरवी संख्या-1742 को मौके पर रवाना किया। पीआरवी कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर वनरक्षक बुलाकर हिरण के बच्चे को उनके संरक्षण में दिया, जिससे हिरण के बच्चे की जान बच सकी।

मजदूर को दिलाया उसका मेहनताना

इलाहाबाद के थाना मांडा के भारतगंज इलाके से एक कॉलर ने कॉल करके बताया कि वह मजदूरी का काम करता है, लेकिन कुछ दिनों से जहां वह काम कर रहा है उसके मालिक उसको मजदूरी नहीं दे रहे हैं। इस सूचना पर यूपी 100 ने पीआरवी संख्या-0133 को मौके पर भेजा। पीआरवी कर्मियों ने मामले की जांच की और मजदूर को उसका मेहनताना दिलवाया। साथ ही मालिक को चेतावनी दी कि वह दोबारा ऐसी हरकत न करें।

घरेलू हिंसा की शिकार महिला की बचाई जान

मिर्जापुर के थाना चील्ह क्षेत्र में एक महिला ने यूपी 100 का कॉल करके बताया कि उसके पति और ससुर उसकी पिटाई कर रहे हैं। महिला ने बताया कि उसकी जान खतरे में है। इस सूचना के बाद यूपी 100 ने पीआरवी संख्या-1089 को मौके पर भेजा। पीआरवी ने वहां पहुंचकर महिला की मदद की और उसकी जान बचाई। पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया।

अमेरिका और सिंगापुर की तर्ज पर 19 नवंबर 2016 को हुई थी शुरुआत

उत्तर प्रदेश के लोगों की आपात स्थिति में जानमाल की रक्षा के लिए 19 नवंबर 2016 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गोमतीनगर के विस्तार खंड में बने यूपी 100 कॉल सेंटर भवन से इस सेवा की शुरुआत की थी। यूपी 100 के लिए 40 हजार पुलिसकर्मी और 3200 चार पहिया वाहनों को 24 घंटे लोगों की सेवा में तैनात किया गया है। इस सेवा के केन्द्रीय मास्टर को-ऑर्डिनेशन के लिए यूपी 100 नाम से एक कॉल सेंटर बनाया गया है।

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