सेना के जवानों को दिए जाने वाले खाने की खुद करता हूं निगरानी: रक्षा मंत्री

सेना के जवानों को दिए जाने वाले खाने की खुद करता हूं निगरानी: रक्षा मंत्रीअगले दो वर्षों में सेना की हर यूनिट को मिलेगा फ्रोजेन चिकन।

गांधीनगर (गुजरात)। बीएसएफ के एक जवान के आरोप से विवादों के बीच, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि वह सेना को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता की निजी तौर पर निगरानी कर रहे हैं और सिर्फ एफएसएसएआई मंजूर चिकेन परोसे जाने का आदेश दिया है। उधर, गृह मंत्रालय ने यादव के दावे की जांच के आदेश दिये हैं जबकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है।

वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन के इतर संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह बीएसएफ के बारे में कुछ टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे क्योंकि यह गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, पिछले दो साल में सेना के लिए हम लगातार मूल्यांकन कर रहे हैं कि परोसे जाने वाले भोजन का संतुष्टि स्तर बढ़ा है या नहीं। मैं खुद इसकी निगरानी कर रहा हूं।' उन्होंने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने 2012-13 में एक रिपोर्ट में कुछ टिप्पणी की थी और ‘‘हम उसे सुधार रहे हैं।'' पर्रिकर ने कहा, ‘‘हमने 26 केंद्रों को फ्रोजेन चिकेन की आपूर्ति की। अब हमने अगले दो साल में हर इकाई को एफएसएसएआई मंजूर फ्रोजेन चिकेन आपूर्ति करने का निर्देश दिया है। इससे अपने आप गुणवत्ता बढ गयी है।'' बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने यूट्यूब पर अपलोड एक वीडियो में आरोप लगाया कि सीमाई क्षेत्रों में अर्द्धसैन्य जवानों को खराब गुणवत्ता का खाना दिया जाता है। गृह मंत्रालय ने यादव के दावे की जांच के आदेश दिये हैं जबकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है। (भाषा)


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