जेल में बंद सिमी के 20 अन्य कैदियों की मेडिकल जांच की मांग: आलम

जेल में बंद सिमी के 20 अन्य कैदियों की मेडिकल जांच की मांग: आलमभोपाल की केंद्रीय जेल से 31 अक्तूबर की रात सिमी से जुडे आठ कैदी जेल के एक सिपाही की हत्या करने के बाद फरार हो गये थे।

भोपाल (भाषा)। भोपाल के निकट पुलिस की मुठभेड में आठ सिमी सदस्यों को पेट के उपर सीने और सिर में गोली मारे जाने का दावा करते हुए उनके वकील परवेज आलम ने आज कहा कि वह स्थानीय अदालत में प्रतिबंधित संगठन सिमी के भोपाल जेल में शेष बचे 20 अन्य कैदियों की मेडिकल जांच कराने की अपील करेंगे।

भोपाल की उच्च सुरक्षा वाली केंद्रीय जेल से 31 अक्तूबर की रात दो से तीन बजे के बीच सिमी से जुडे आठ कैदी जेल के एक सिपाही की गला रेतकर हत्या करने के बाद कपड़े की चादरों के सहायता से दीवार लांघ कर फरार हो गये थे। इसके कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने भोपाल से लगभग 10 किलोमीटर दूर मणिखेडा पठार के पास मुठभेड में इन्हें मार गिराया था।

आलम ने मुठभेड में मारे गये सिमी सदस्यों की संक्षिप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने का दावा करते हुए कहा, ‘‘उन्हें सामने से गोली मारी गई है और उनको कमर के उपर सिर और सीने में गोली लगी है।'' उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के निर्देशों के अनुसार पुलिस को मुठभेड के दौरान व्यक्ति को कमर के नीचे गोली मारनी चाहिये।

उन्होंने कहा कि वह भोपाल के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आज अपील दायर कर यह मांग करेंगे कि भोपाल जेल में बंद सिमी के शेष बचे 20 अन्य कैदियों की मेडिकल जांच करायी जाये। आलम ने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि जेल में शेष बचे सिमी कैदियों को बुरी तरह से मारापीटा गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके साथ ही मैं प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से मिलकर अपनी सुरक्षा की मांग करुंगा। क्योंकि मैं इस मुठभेड़ के खिलाफ खुलकर बोल रहा हूं और मेरे मुवक्किलों के खिलाफ सोच समझ कर की गई फर्जी मुठभेड के बाद अब मुझे और मेरे परिवार को जान का खतरा है।''

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