रुस से मिलेगा ‘रक्षा कवच’, मोदी और पुतिन की मुलाकात में 16 अहम समझौते

रुस से मिलेगा ‘रक्षा कवच’, मोदी और पुतिन की मुलाकात में 16 अहम समझौतेकामोव हेलीकॉप्टर। फाइल फोटो

बेनॉलियम (गोवा) | 'एक पुराना दोस्त दो नए दोस्तों से बेहतर है।' यह महत्वपूर्ण बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक साझा संवाददाता सम्मेलन में कही।

वही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि हम आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ हैं और आतंकवाद की लड़ाई में भारत का हर सहयोग करेंगे।

भारत और रूस ने लगभग 43,000 करोड़ के तीन बड़े रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर किए। इनमें सर्वाधिक उन्नत वायु रक्षा प्रणाली की खरीद शामिल है। साथ ही, दोनों पारंपरिक सहयोगी देशों ने आतंकवादियों और उनके समर्थकों से निपटने में ‘तनिक भी बर्दाश्त नहीं ' करने की जोरदार हिमायत की।

मोदी और पुतिन के बीच ‘सार्थक एवं ठोस' व्यापक वार्ता होने के बाद हस्ताक्षर किए गए 16 समझौतों में ये सौदें भी शामिल हैं। वार्ता में समूचे द्विपक्षीय संबंधों को शामिल किया गया। दोनों देशों ने व्यापार एवं निवेश, हाइड्रोकार्बन, अंतरिक्ष और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में सबंधों को बढाने के लिए तीन घोषणाएं भी कीं।

पाक संग अभ्यास पर जाहिर की नाराजगी

मोदी ने एक संयुक्त प्रेस कार्यक्रम में एक रुसी मुहावरे का इस्तेमाल किया-‘एक पुराना दोस्त दो नये दोस्तों से बेहतर होता है।' इसके जरिए उन्होंने पाकिस्तान के साथ रूस के हालिया संयुक्त सैन्य अभ्यास से भारत की नाराजगी को जाहिर करना चाहा।

पांच अरब डॉलर (33,350 करोड़ रुपया) से अधिक कीमत पर एस 400 ट्रिम्फ लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली की खरीद के अलावा अन्य दो सौदों में चार एडमिरल ग्रिगोरोविच श्रेणी (प्रोजेक्ट 11356) निर्देशित मिसाइल ‘स्टील्थ फिग्रेट' और कामोव हेलीकॉप्टरों के संयुक्त उत्पादन प्रतिष्ठान की स्थापना करना शामिल है। हेलीकॉप्टरों और फ्रिगेट से जुड़े सौदे करीब 6,672 करोड़ रुपए और 3,336 करोड़ रुपए कीमत के हैं।

इन सौदों पर हस्ताक्षर करना मायने रखता है क्योंकि हाल के समय में यह माना गया कि भारत अपने पारंपरिक रक्षा सहयोगी रूस से दूरी बना रहा है। दरअसल, भारत ने अमेरिका के साथ साजो सामान आदान-प्रदान समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है जो अमेरिका को भारतीय सैन्य ठिकानों पर पहुंच मुहैया करेगा।

मोदी ने पिछले महीने पाक के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर किए गए भारत के ‘सर्जिकल स्ट्राइक' के अप्रत्यक्ष संदर्भ में सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का मुकाबला करने में भारत की कार्रवाई को समझने और उसका समर्थन करने को लेकर रूस की सराहना की।

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