यूपी में अब 50 रुपया दर्जन से ज्यादा पर नहीं होगी अंडों की बिक्री

यूपी में अब 50 रुपया दर्जन से ज्यादा पर नहीं होगी अंडों की बिक्रीप्रदेश में एक करोड़ अंडे का प्रतिदिन होता है उत्पादन, घट गए हैं दाम।

लखनऊ। प्रदेश भर में अंडे की कीमत 50 रुपये दर्जन से अधिक नहीं होगी। इस बार भीषण ठंड के चलते अंडों की बिक्री में जबरदस्त असर पड़ा है जिससे अंडों की फुटकर कीमत सात रुपये तक पहुंच गई थी। इसको लेकर नेशनल एग कोआर्डिनेशन कमेटी ने अंडों की कीमत 50 रुपये दर्जन से अधिक न रखने का निर्देश जारी किया है।

कमेटी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अंडों की कीमत बहुत अधिक नहीं बढ़ी है। विभिन्न योजनाओं के संचालन के चलते अंडों का उत्पादन राज्य में बहुत अधिक बढ़ गया है। रोजाना एक करोड़ के करीब अंडों का उत्पादन किया जा रहा है। फुटकर में 50 रुपये दर्जन की कीमत पर अंडा बेचने पर भी दुकानदारों को आठ रुपये का लाभ तय है।

अलीगंज में रहने वाले अंडे के ग्राहक निजी कंपनी के कर्मचारी दिलीप बताते हैं, "इन दिनों उबला अंडा आठ रुपये और कच्चा सात रुपये में बेचा जा रहा है। ठंड बहुत अधिक होने के चलते अंडे बहुत अधिक खरीदे जा रहे हैं, इसलिए दुकानदार कहते हैं कि बाजार में अंडों के दाम बढ़ गए हैं। मगर वास्तविकता इसके इतर ही है।"

इस वक्त अगर कोई दुकानदार 50 रुपये के 12 अंडे बेचे तो उसको आठ रुपये का लाभ मिलता है। मगर 84 रुपये दर्जन तक फुटकर में अंडे बेचे जा रहे हैं। उप्र में 50 रुपये से अधिक कीमत पर एक दर्जन अंडे नहीं बेचे जा सकते हैं।
तिलकराज गुलाटी, उपाध्यक्ष, नेशनल एग को-आर्डिनेशन कमेटी, लखनऊ जोन

प्रदेश भर में नेशनल एग कोर्डिनेशन कमेटी की ओर से दुकानदारों और ग्राहकों से ये अपील की गई है कि न तो 50 रुपये दर्जन की कीमत से अधिक में अंडा बेचा जाए और न ही इससे अधिक में खरीदा जाए। लोगों से अपील की गई है कि वे दुकानदारों से विरोध दर्ज करें अगर उनको छह या सात रुपये में एक अंडा बेचा जा रहा हो।

घट रहा है मांग और आपूर्ति का अंतर

उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 18 अण्डे और 300 ग्राम कुक्कुट मांस की जरूरत पड़ती थी लेकिन उपलब्ध मात्र 7 अण्डे और 100 ग्राम मांस ही था। ऐसे में प्रदेश में रोजाना 35 लाख अण्डे और 2 लाख कुक्कुट ब्रायलर दूसरे प्रदेशों से मंगाना पड़ता था। इसके बाद सरकार कुक्कुट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए साल 2013 में उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति बनाई थी। इस नीति में लोगों ने जबर्दस्त उत्साह दिखाया और प्रदेश में कुक्कुट पालन को बढ़ावा मिला। उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास विभाग के निदेशक डॉ. राजेश वाष्र्णेय ने बताया कि इस योजना को लाभ आम किसान से लेकर पशुपालक तक उठा सकते हैं।

सरकार दे रही 40 लाख रुपए का लोन

प्रदेश में कामर्शियल लेयर फार्मिंग और ब्रायलर इकाईयों की स्थापना के लिए प्रदेश साकर 40 लाख रुपए का लोन दे रही है। इसके साथ ही स्टैम्प ड्यूटी से लेकर फ्री में बिजली और मण्डी पर टैक्स छूट भी दे रही है। इस योजना का लाभ उठाकर आम लोग एक या दो ईकाई स्थापित कर सकते हैं। इसकी शर्त है कि लेयर ईकाई के लिए 3 एकड़ और ब्रायलर के लिए 6 एकड़ जमीन होना जरूरी है। एक कामर्शियल लेयर ईकाई से सालाना 32 लाख का लाभ कमाया जा सकता है। इस योजना के लिए जो लोन दिया जा रहा है उसकीर अदाएगी 5 साल में करनी है।

कुक्कुट पालकों को दी जाएगी नि:शुल्क ट्रेनिंग

जो भी लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए आगे आएंगे उन्हें विभाग की तरफ से कुक्कुट पालन का 30 दिन का प्रशिक्षाण निशुल्क में दिया जाएगा। साथ ही उनको चूजे भी उपलब्ध कराएं जाएंगे। इसके अलावा मुफ्ट में डाक्टरी सलाह सहित विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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