संसद का बजट सत्र 2017 ऐतिहासिक क्योंकि इस बार आम बजट के साथ रेलवे बजट भी पेश होगा : राष्ट्रपति

संसद का  बजट सत्र 2017 ऐतिहासिक  क्योंकि इस बार आम बजट के साथ रेलवे बजट भी पेश होगा : राष्ट्रपतिपारंपरिक शाही बग्घी में बैठकर संसद भवन पहुंचे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी।

नई दिल्ली (आईएएनएस)| बजट सत्र 2017-18 के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि संसद का यह बजट सत्र ऐतिहासिक है क्योंकि यह पहली बार है, जब बजट सत्र में आम बजट के साथ ही रेलवे बजट भी पेश किया जाएगा।

मुखर्जी ने दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, "यह एक ऐतिहासिक बजट है, जब स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार बजट सत्र में आम बजट और रेल बजट एकसाथ पेश किए जाने की शुरुआत हो रही है।"

मुखर्जी ने कहा, "हम लोकतंत्र और अपने मूल्यों और संस्कृति का जश्न मनाने के लिए एक बार फिर एकत्र हुए हैं, जो हमारे देश के लंबे इतिहास का हिस्सा रहा है। यह संस्कृति मेरी सरकार को 'सबका साथ सबका विकास' करने के लिए प्रेरित करती है।"

मुद्रा योजना के तहत 2 लाख करोड़ रुपए की राशि अनुमोदित

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दो लाख करोड़ रुपए की राशि अनुमोदित की है। इसके तहत 5.6 करोड़ रुपए के ऋण आवंटित करने को मंजूरी दी गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की नीतियों का मूल गरीबों, दलितों, किसानों, श्रमिकों और युवाओं का कल्याण करना है।

मुखर्जी ने कहा, "मेरी सरकार जनशक्ति की ताकत को सलाम करती है और इसे रचनात्मक रूप से राष्ट्र निर्माण में इस्तेमाल करने की प्रतिबद्धता जताती है।"

भारत के 1.4 लाख गाँव खुले में शौच से मुक्त घोषित


राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भारत के 1.4 लाख से अधिक गाँवों, 450 शहरों, 77 जिलों और तीन राज्यों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किए जाने को लेकर देश की सराहना की। मुखर्जी ने कहा, "मेरी सरकार राष्ट्रनिर्माण में अहम भूमिका निभाने के लिए जनशक्ति को सलाम करती है।"

सरकार ने सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित की : राष्ट्रपति

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसमें 55 लाख बच्चों का टीकाकरण शामिल है।

मेरी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं, विशेष रूप से गरीब वर्ग के लिए किफायती योजनाएं शुरू की गई है। मिशन इंद्रधनुष इसमें से एक है। इसके तहत अभी तक 55 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया है।
प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे समाज के गरीब वर्ग तक स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में मदद मिली है। मुखर्जी ने सरकार की प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) का उल्लेख करते हुए कहा, "इस तरह की योजनाएं गर्भवती महिलाओं की देखरेख को सुनिश्चित करती है।"

कौशल विकास योजना से 20 लाख युवा हो चुके हैं लाभान्वित

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश के युवाओं को सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि चार साल में देश में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए शुुरू की गई प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में अब तक 20 लाख से अधिक युवा लाभान्वित हो चुके हैं।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आज हमारी 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है, हमारे युवा हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं तथा युवा ऊर्जा का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। हमारी सरकार ने ‘हर हाथ को हुनर' के उद्देश्य से युवकों को कुशल बनाने और उन्हें बेहतर रोजगार के योग्य बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।''

उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व में 21 मंत्रालयों और 50 विभागों में फैले कौशल विकास कार्य को एक ही मंत्रालय के अधीन लाया गया है। अगले चार साल में एक करोड़ युवकों को प्रशिक्षित करने के लिए बारह हजार करोड़ के बजट परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में 20 लाख से अधिक युवक पहले ही लाभान्वित हो चुके हैं।'' मुखर्जी ने कहा कि 10 हजार करोड़ रुपए के बजट परिव्यय के साथ राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहत योजना आरंभ की गयी है।

देशभर में फैले हुए 978 रोजगार कार्यालय राष्ट्रीय कॅरियर सेवा पोर्टल में एकीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खोले हैं और उनके लिए उच्च तकनीकी शिक्षा को अधिक सुगम बनाया है। पहली बार ब्रिज पाठ्यक्रमों के माध्यम से आईटीआई प्रशिक्षार्थियों को मैट्रिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर अकादमिक बराबरी प्रदान की गयी है ताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। युवकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से 50 भारतीय अंतरराष्ट्रीय कौशल केंद्रों का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। सात लाख विद्यार्थियों के लिए उद्यम में शिक्षण और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री युवा योजना आरंभ की गई है।

देश का बजट बुधवार को पेश किया जाएगा।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े 13 करोड़ गरीब

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लगभग 13 करोड़ गरीब जुड़े हुए हैं। मुखर्जी ने कहा, सभी सरकारी नीतियों का उद्देश्य गरीबों, दलितों, वंचितों, किसानों, मजदूरों और युवाओं का कल्याण करना है।

उन्होंने विभिन्न गरीब कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार 'अंत्योदय' (एक मानववाद) की धारणा का अनुसरण कर रही है।

गरीबों और दूरदराज के क्षेत्रों में रह रहे लोगों को बैंकिंग प्रणाली के दायरे में लाने के लिए भारतीय डाक भुगतान बैंक शुरू किया गया। इन क्षेत्रों में 26 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए।
प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति

मुखर्जी ने आगे कहा, "मेरी सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर आवासहीन गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।"

मुखर्जी ने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत चालू वित्त वर्ष में स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए 16,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई जबकि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 5.6 करोड़ रुपए का ऋण अनुमोदित कर दो लाख करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई।

लोकसभा-विधानसभा चुनाव साथ कराने पर चर्चा की जरूरत

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार राजनीतिक पार्टियों से चर्चा के बाद लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए निर्वाचन आयोग के किसी भी फैसले का स्वागत करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘बार बार चुनाव होने से विकास कार्य रुक जाते हैं, सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो जाता है, इससे सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और लंबी चुनाव ड्यूटी से मानव संसाधन पर बोझ पड़ता है।'' मुखर्जी ने कहा, ‘‘मेरी सरकार लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं के एक साथ चुनाव कराने के विषय पर रचनात्मक दृष्टि से विचार विमर्श किए जाने का स्वागत करती है।''

उन्होंने कहा, ‘‘चुनावों के लिए पैसा उपलब्ध कराए जाने के विषय पर भी चर्चा किया जाना जरूरी है ताकि धन के दुरुपयोग को रोका जा सके। मेरी सरकार इस संबंध में चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक पार्टियों से बातचीत करने के लिए किए जाने वाले किसी भी निर्णय का खुले दिल से स्वागत करेगी।''

पूर्वोत्तर के विकास के लिए विशेष पहल, 10 हजार करोड़ की रेलवे परियोजनाएं शामिल

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार पूर्वोत्तर के विकास के लिए विशेष पहल कर रही है। इनमें 10 हजार करोड़ की रेलवे परियोजनाएं भी शामिल हैं। राष्ट्रपति ने कहा, "पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए मेरी सरकार विशेष कदम उठा रही है। केंद्र प्रायोजित परियोजनाओं के लिए 90:10 के अनुपात में वित्तीय सहायता देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। रेलवे से संबंधित विकास के लिए सरकार पहले ही 10,000 करोड़ रुपए दे चुकी है।"

पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए अन्य पहलों के बारे में चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, "अरुणाचल प्रदेश को रेलवे के मानचित्र पर लाया गया है।" पूर्वोत्तर क्षेत्र में अनेक नए संगठनों की स्थापना पर मुखर्जी ने कहा, "ब्रह्मपुत्र क्रैकर एंड पॉलीमर लिमिटेड, नुमालीगढ़ रिफाइनरी और अन्य नई परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार के जबर्दस्त अवसर उत्पन्न होंगे।"

पारंपरिक शाही बग्घी में बैठकर संसद भवन पहुंचे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी।

शाही बग्घी में बैठकर संसद भवन पहुंचे राष्ट्रपति

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मंगलवार को पारंपरिक शाही बग्घी में बैठकर राष्ट्रपति भवन से संसद भवन पहुंचे। वह यहां संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे हैं। मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन से बग्घी में बैठकर संसद भवन पहुंचने की पुरानी परंपरा का निर्वाह किया। इस दौरान उनके साथ घोड़ों पर सवार अंगरक्षक भी थे।

वह संसद भवन के सेंट्रल हॉल में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ।

प्रधानमंत्री मोदी ने बजट सत्र लाभकारी होने की उम्मीद जताई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बजट सत्र से पहले उम्मीद जताई कि संसद का यह सत्र लाभकारी होगा और सभी राजनीतिक दल जनता के हित के लिए साथ मिलकर काम करेंगे।

मोदी ने नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "हमारी हर राजनीतिक पार्टी से निजी तौर पर और सामूहिक तौर पर भी बात हुई है। सत्र के दौरान बजट पर सकारात्मक और विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।"

मोदी ने कहा, "हम सभी पार्टियों से सत्र के सुचारू रूप से कार्य करने में सहायता करने का आग्रह करते हैं।" उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि सभी राजनीतिक पार्टियां विकास के लिए साथ मिलकर काम करेंगी।"

यह पहली बार है, जब बजट एक फरवरी को पेश किया जा रहा है। आप सभी को स्मरण होगा कि इससे पहले बजट शाम पांच बजे पेश किया जाता था। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान यह प्रथा बदल दी गई।
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री

उन्होंने कहा, "आज (मंगलवार) से एक नई परंपरा शुरू हो रही है। अब आम बजट के साथ रेल बजट भी पेश किया जाएगा।"

संसद भवन के बाहर राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे घुड़सवार।

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