चक्रवाती तूफान वरदा के कमजोर होने के आसार नहीं, उठ सकती हैं एक मीटर ऊंची ज्वारीय लहर

चक्रवाती तूफान वरदा के कमजोर होने के आसार  नहीं, उठ सकती हैं एक मीटर ऊंची ज्वारीय लहरचक्रवाती तूफान वरदा।

नई दिल्ली (भाषा)। चक्रवाती तूफान वरदा जब आज चेन्नई पहुंचेगा, तब भी इसकी तीव्रता के कम होने के आसार नहीं हैं, पहले माना जा रहा था कि यह धीरे-धीरे कमजोर होगा। भारतीय मौसम विभाग के चक्रवात चेतावनी प्रभाग के अनुसार, इस समय बेहद उग्र चक्रवाती तूफान वरदा कमजोर होकर उग्र चक्रवाती तूफान ही बनेगा।

भारतीय मौसम विभाग की ओर से पहले यह अनुमान जताया गया था कि यह अपनी तीव्रता को कम करते हुए कमजोर होकर एक चक्रवाती तूफान बन जाएगा।

सुबह साढ़े नौ बजे चक्रवात चेन्नई से 105 किलोमीटर पूर्व-पूर्वोत्तर में केंद्रित रहा। ऐसी संभावना है कि जब यह जमीन तक पहुंचेगा, तो इसकी हवाओं की गति 100-110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

एक बेहद तेज चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की गति 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। तेज चक्रवाती तूफान में हवा की गति 110 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। किसी भी चक्रवात में तबाही की प्रमुख वजहों में भारी बारिश और बाढ़ के अलावा हवा का वेग भी शामिल होता है।

जिन इलाकों में अगले 36 घंटे में तेज बारिश की संभावना है, वे हैं- दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तर तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी।

भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि 12 दिसंबर को कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। यह भारी बारिश से बढ़कर बेहद भारी बारिश (7-19 सेमी) हो जाएगी। तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों में और आंध्रप्रदेश के नेल्लोर और प्रकाशम जिलों में यह अत्यधिक भारी बारिश (20 सेमी) का रूप लेगी।

चक्रवात के पहुंचने पर तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों और आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में लगभग एक मीटर ऊंची ज्वारीय लहर उठ सकती है।

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