मनीष सिसोदिया ने पेश किया दिल्ली का 48,000 करोड़ रुपए का बजट, स्वास्थ्य, शिक्षा पर जोर, कोई नया कर नहीं

मनीष सिसोदिया ने पेश किया दिल्ली का 48,000 करोड़ रुपए का बजट, स्वास्थ्य, शिक्षा पर जोर, कोई नया कर नहींदिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया अपना बजट बैग दिखाते हुए।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने अपने बजट में 11,300 करोड़ रुपए शिक्षा के लिए आवंटित किए हैं। यह दिल्ली के कुल बजट 48,000 करोड़ का करीब एक चौथाई है।

दिल्ली विधानसभा में अपने बजट भाषण में सिसोदिया ने कहा, "शिक्षा इस सरकार का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। इस बजट में हमारा ध्यान सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर केंद्रित है।" सिसोदिया ने कहा, "शिक्षा के लिए आवंटित राशि 11,300 करोड़ रुपए है जो कुल बजट का 24 फीसदी है।" उन्होंने कहा, "हमारी पहली सरकार है जिसने सबसे ज्यादा शिक्षा क्षेत्र को हिस्सेदारी आवंटित की है और यह लगातार तीसरा साल है कि हम ऐसा कर रहे हैं।"

दिल्ली का बजट पेश करने विधानसभा जाते मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल व दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया।

दिल्ली सरकार ने बीते वित्तीय वर्ष में शिक्षा क्षेत्र के लिए 10,690 करोड़ रुपए का आवंटन किया था।
सिसोदिया ने कहा कि 24 नए स्कूल इस साल कार्य करना शुरू कर देंगे, जबकि 10,000 नई कक्षाओं का निर्माण अगले वित्त वर्ष के दौरान शुरू होगा।

उन्होंने कहा, "साल 2017-18 में उन्नत सुविधाओं के साथ 156 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की शुरुआत की जाएगी।" अगले वित्तीय वर्ष के अपने कुल 48,000 करोड़ रुपए के बजट में से दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य के लिए 5,736 करोड़ रुपये, परिवहन के लिए 5,506 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया।

दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक मार्च अंत तक बढ़कर 150 हो जाएगी

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में 110 मोहल्ला क्लिनिक कार्यरत हैं और इनकी संख्या मार्च के अंत तक बढ़कर 150 हो जाएगी। उन्होंने कहा, "सरकार का मकसद अगले वित्त वर्ष में 1000 ऐसे क्लिनिक खोलने की है।"

अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 150 हो जाएगी पॉली क्लिनिक

सिसोदिया ने कहा कि पॉली क्लिनिक (द्वितीयक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र) की संख्या मौजूदा 23 से बढ़कर अगले वित्त वर्ष में 150 हो जाएगी। आप नेता ने कहा कि शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए कलस्टर योजना के तहत 736 बसें 2017-18 में शामिल की जाएंगी।

वर्ष के अंत तक पूरी दिल्ली में पाइप लाइन से होगी जलापूर्ति : आप सरकार

आप सरकार ने पूरी दिल्ली में पाइप लाइन से जलापूर्ति करने के लिए वर्ष 2017 तक की समय सीमा तय की है। बजट पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज कहा कि सरकार वर्ष 2017 के अंत तक सभी नियमित, अनियमित कालोनियों और जेजे क्लस्टरों में पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में जलापूर्ति और स्वच्छता के लिए 2,107.9 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

दिल्ली की आर्थिक समीक्षा (2016-17) के अनुसार, यहां 81 प्रतिशत घरों में पाइप लाइन से जलापूर्ति होती है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, दिल्ली में 33.41 लाख मकान हैं, जिनमें से 27.16 लाख मकानोंं में जलापूर्ति पाइप लाइन के जरिए होती है। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में आप की सरकार बनने से अभी तक 309 अनियमित कालोनियों में पाइप लाइन से जलापूर्ति हो रही है, अभी तक कुल 1,200 ऐसी कालोनियों को पाइपलाइन से पानी मिल रहा है और इसमें 200 अन्य कालोनियों को भी जोड़ा जाना है।

दिल्ली का बजट पेश करने विधानसभा जाते मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल व दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया।

डीसीडब्ल्यू का सालाना बजट बढ़कर तीन गुना हुआ

आप सरकार ने दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) का सालाना बजट तीन गुना बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए कर दिया है. महिला कार्यकर्ताओं ने आप सरकार के इस कदम की सराहना की है।पिछले साल महिला निकाय का बजट सात करोड़ रुपए का था। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में अपने बजट भाषण में कहा कि दिल्ली महिला आयोग के लिए बजट तीन गुना बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने निकाय के संसाधनों को मजबूती प्रदान करने की आवश्यकता को पहचाने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। मालीवाल ने कहा कि इतिहास में पहली बार आयोग को 20 करोड़ रुपए मिले हैं, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को धन्यवाद दिया।

कई महिला कार्यकर्ताओं ने आप सरकार के इस कदम की सराहना की। हालांकि उन्होंने महिला सुरक्षा पर भी बल दिया।

फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए केजरीवाल सरकार ने बजट में उठाए कदम

राष्ट्रीय राजधानी में फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने एक ही छत के तले सभी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए आज एकल खिड़की मंजूरी तंत्र शुुरू करने का प्रस्ताव किया। सरकार ऐसी व्यवस्था शुरू करने की योजना बना रही है, जिससे दिल्ली में शूटिंग के लिए कानूनी औपचारिकताएं सिर्फ एक सरकारी दफ्तर जाकर पूरी की जा सके।

उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने वार्षिक बजट पेश करते हुए कहा, ‘‘फिल्म निर्माताओं को शूटिंग की इजाजत देने के लिए, उन्हें सभी जरुरी सूचनाएं देने के लिए और फिल्मों की शूटिंग को सुगम प्रक्रिया बनाने के लिए एक व्यवस्थित प्रणाली विकसित की जा रही है।'' हालांकि, यह देखना होगा कि सरकार एकल खिड़की मंजूरी प्रणाली के तहत सभी पक्षों को शामिल करने का कदम उठाएगी कि नहीं।

राष्ट्रीय राजधानी और लुटियंस दिल्ली के स्मारकों में शूटिंग के लिए फिल्मकारों को क्रमश: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) से इजाजत लेनी होती है. एनडीएमसी दिल्ली सरकार के तहत नहीं आती। फिल्मकारों को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली दिल्ली पुलिस से एक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) भी लेना होता है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिनेमा प्रेमी हैं और अपने ट्विटर हैंडल पर अक्सर फिल्मों की तारीफ करते हैं।

आप सरकार ने महिला दिवस पर सैनिटरी नैपकिन पर कर घटाया

आप सरकार ने दिल्ली में सेनिटरी नैपकिन पर लगने वाले कर को 12.5 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की घोषणा की है। महिलाओं की स्वच्छता के प्रति दिल्ली सरकार की चिंताओं का हवाला देते हुए उपमुुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 2017-18 के बजट में आज यह घोषणा की है।

20 रुपए कीमत तक के सैनिटरी नैपकिन पर अब कोई कर नहीं लगेगा, जबकि उससे ज्यादा मूल्य वाले नैपकिन पर पांच प्र्रतिशत कर लगेगा।

20 रुपए तक मूल्य वाले सैनिटरी नैपकिन कर मुक्त होंगे। यदि उनका मूल्य 20 रुपए से ज्यादा है तो, सरकार महिलाओं की स्वच्छता को ध्यान मेंं रखते हुए उनपर लगने वाले कर को 12.5 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखती है।
मनीष सिसोदिया उपमुुख्यमंत्री दिल्ली

दिल्ली सरकार छात्राओं के लिए ‘किशोरी योजना' चलाती है, इसके तहत छठी से बारहवीं तक की सात लाख से ज्यादा छात्राओं को स्कूलों मेंं सैनिटरी नैपकिन मुफ्त मुहैया कराया जाता है।

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