बुजुर्गों के पांच लाख रुपए तक की जमा का कोई सत्यापन नहीं करेगा आयकर विभाग 

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   22 Feb 2017 6:31 PM GMT

बुजुर्गों के पांच लाख रुपए तक की जमा का कोई सत्यापन नहीं करेगा आयकर विभाग आयकर विभाग।

नई दिल्ली (भाषा)। आयकर विभाग 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों द्वारा नोटबंदी के बाद उनके खातों में पांच लाख रुपए तक की जमा पर आगे कोई सत्यापन नहीं करेगा। हालांकि, अन्य लोगों के लिए यह सीमा 2.5 लाख रुपए रखी गई है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा, ‘घबराने की कोई वजह नहीं है। हम 8 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक बैंक खातों में राशि जमा करवाने वाले हर खाताधारक के पीछे नहीं पड़ रहे। आयकर विभाग किन जमाओं के लिए सत्यापन करेगा इसकी स्पष्ट सीमा तय की गई है। यह सत्यापन के लिए है न की जांच या आकलन के लिए।'

अधिकारी के अनुसार इस तरह का सत्यापन ऑनलाइन किया जाना है और 70 साल तक की आयु के जिस भी व्यक्ति ने 2.5 लाख रुुपए से अधिक की नकदी जमा करवाई है वे आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर जमाओं के स्रोत के बारे में बताए।

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अधिकारी के अनुसार अगर जमाएं पहले की आयकर रिटर्न से मेल खातीं हैं तो सत्यापन को उसी समय अपने आप रोक दिया जाएगा। हां, अगर जमाकर्ता सत्यापन नहीं करता है या किसी तरह का संदेह होता है और जमाएं आय के ज्ञात स्रोत से मेल नहीं खातीं तो आगे स्पष्टीकरण मांगे जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘70 साल तक की आयु के लोगों के लिए उनके खातों में जमा की सीमा ढाई लाख रुपए तक है जबकि 70 वर्ष अथवा इससे अधिक वर्ष के बुजुगों के बैंक खातों में यह सीमा पांच लाख रुपए तक है। इसमें जमा राशि का स्रोत घरेलू बचत अथवा पहले की कमाई से की गई बचत है और जहां उस व्यक्ति की कोई कारोबारी आय नहीं है।''

अधिकारी ने कहा कि इससे अधिक जमाओं के मामले में भी जो स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, वह बिना कारण-बताओ नोटिस अथवा किसी भी नोटिस के बिना होगा। इसमें केवल ई-सत्यापन होगा, कोई तीसरे पक्ष द्वारा सत्यापन अथवा जांच नहीं होगी।

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