करगिल शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने कहा, ‘मैं एबीवीपी से नहीं डरती’ 

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   26 Feb 2017 12:54 PM GMT

करगिल शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने कहा, ‘मैं एबीवीपी से नहीं डरती’ लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा और करगिल में शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर।

नई दिल्ली (भाषा)। लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा और करगिल में शहीद हुए जवान की बेटी ने सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू किया है, जिसका नाम है- ‘‘मैं एबीवीपी से नहीं डरती''। यह अभियान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। छात्रा का नाम गुरमेहर कौर है जिसने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में हिंसक झड़पों के बाद यह विरोध अभियान शुरू किया है।

करगिल में शहीद हुए कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने एक तख्ती पकड़ी हुई तस्वीर फेसबुक पर प्रोफाइल पिक्चर के तौर पर लगाई है, इस तख्ती पर लिखा है, ‘‘मैं दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ती हूं। मैं एबीवीपी से नहीं डरती। मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर छात्र मेरे साथ है, हैशटैग स्टूडेंट्स अगेंस्ट एबीवीपी।’’

गुरमेहर ने अपने फेसबुक स्टेटस पर कहा, ‘‘एबीवीपी द्वारा निर्दोष छात्रों पर किया गया निर्मम हमला परेशान करने वाला है और इसे रोका जाना चाहिए। यह हमला प्रदर्शनकारियों पर नहीं था बल्कि यह लोकतंत्र की हर उस धारणा पर हमला था, जो हर भारतीय के दिल के करीब है. यह आदर्शों, नैतिक मूल्यों, स्वतंत्रता और इस देश में जन्मे हर व्यक्ति के अधिकारों पर किया गया हमला था।''

जो पत्थर तुम फेंकते हो, वह हमारे शरीरों को चोट पहुंचाते हैं लेकिन ये हमारे आदर्शों को चोट नहीं पहुंचा सकते। यह प्रोफाइल पिक्चर डर के ,निरंकुशता के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का मेरा अपना तरीका है।
गुरमेहर

विश्वविद्यालय में साहित्य की छात्रा के सहपाठियों और दोस्तों ने इस पोस्ट को साझा किया है। इस पहल के सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने के बाद देशभर के विश्वविद्यालयों के बहुत से छात्रों ने इसी तख्ती वाली प्रोफाइल पिक्चर लगा ली है। गुरमेहर की फेसबुक पोस्ट पर अब तक 2100 प्रतिक्रियाएं और 542 टिप्पणियां आ चुकी हैं, इस पोस्ट को 3456 बार साझा किया जा चुका है।

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रामजस कॉलेज में बुधवार को आइसा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच भारी हिंसा देखने को मिली थी। यह झड़प ‘विरोध प्रदर्शनों की संस्कृति' नामक गोष्ठी को संबोधित करने के लिए जेएनयू के छात्रों उमर खालिद और शहला राशिद को बुलाए जाने के कारण हुई थी। कॉलेज प्रशासन ने आरएसएस की छात्र इकाई के विरोध के चलते इसे रद्द कर दिया था।

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