लोकसभा में व्यवधान से करीब 100 घंटे का समय नष्ट हुआ : सुमित्रा महाजन  

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   16 Dec 2016 5:01 PM GMT

लोकसभा में व्यवधान से करीब 100 घंटे का समय नष्ट हुआ : सुमित्रा महाजन  लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन।

नई दिल्ली (भाषा)। नोटबंदी के मुद्दे पर संसद के शीतकालीन सत्र के लगभग पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ने के बीच लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आज कहा कि सत्र के दौरान लोकसभा में 21 बैठकों में मात्र 19 घंटे कार्यवाही हुई और व्यवधान से 91 घंटे 59 का समय नष्ट हुआ है जो अच्छी बात नहीं है और इससे जनता में हमारी छवि धूमिल होती है।

लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ मुझे आशा है कि आगामी सत्रों में कोई व्यवधान नहीं होगा और हम सभी बेहतर ढंग से कार्य करेंगे जिसके परिणामस्वरुप सार्थक चर्चाएं एवं सकारात्मक विचार विमर्श होंगे। मुझे सभा के सभी वर्गो के नेताओं और सदस्यों से समर्थन मिलने का विश्वास है।''

सुमित्रा महाजन ने कहा कि इस सत्र के दौरान सभा की 21 बैठकें हुई जो 19 घंटे चली। सत्र में व्यवधान के चलते बाध्य होकर सभा स्थगित किए जाने के कारण 91 घंटे और 59 मिनट का समय नष्ट हुआ जो हम सभी विशेष तौर पर मेरे लिए अच्छी बात नहीं है, इससे जनता में हमारी छवि धूमिल होती है।

मैं आशा करती हूं कि आगामी नववर्ष हमारे जीवन में नई आशा और नई ऊर्जा का संचार करेगा तथा हम सार्थक रूप से संकल्प लें कि नव वर्ष में हम यह सुविचारित निर्णय लेंगे कि हम सभी उपलब्ध संसदीय माध्यमों का प्रयोग करते हुए अपने मतभेद और असहमति यदि कोई हो, उसे पुरजोर तरीके से दर्ज करायेंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि सभा में कम व्यवधान और अधिक चर्चाएं हो।
सुमित्रा महाजन लोकसभा अध्यक्ष

उन्होंने कहा कि इस सत्र में महत्वपूर्ण वित्तीय, विधायी और अन्य कार्यों का निपटान किया गया। सभा में वर्ष 2016-17 के अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच और 2013-14 के अतिरिक्त अनुमदान की मांगों पर संयुक्त चर्चा हुई और इसके बाद मांगों पर मतदान हुआ और संबंधित विनियोग विधेयक पारित हुए। सुमित्रा महाजन ने कहा कि इस सत्र के दौरान 9 सरकारी विधेयक पेश किये गए जबकि कर अधिनियम दूसरा संशोधन विधेयक 2016 तथा निशक्तजनों के सशक्तिकरण संबंधी विधेयक 2016 पारित किए गए।

सिर्फ 50 प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए

सत्र के दौरान 440 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध किए गए जिसमें से 50 प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए। इस प्रकार औसतन प्रतिदिन लगभग 2.3 प्रश्नों के उत्तर दिए गए। शेष तारांकित प्रश्नों के लिखित उत्तर 5060 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर के साथ सभापटल पर रखे गए। प्रश्नकाल के पश्चात सदस्यों द्वारा अविलम्बनीय लोक महत्व के 124 मामले उठाए गए। सदस्यों ने नियम 377 के अंतर्गत भी 311 मामले उठाए गए।

अध्यक्ष ने बताया कि स्थायी समितियों ने सभा में 50 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए। नोटबंदी के विषय पर नियम 193 के अधीन अल्पकालिक चर्चा सूचीबद्ध की गई थी। तथापि चर्चा आंशिक रूप से ही हो पाई। मंत्रियों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर 47 वक्तव्य दिए गए और संसदीय कार्य मंत्री द्वारा सरकारी कार्य के बारे में 4 वक्तव्य दिए गए। सत्र के दौरान मंत्रियों द्वारा 1771 पत्र सभा पटल पर रखे गए।

अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने नववर्ष के अवसर पर सभी लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने सदन के कामकाज में सहयोग के लिए सभी का आभार प्रकट किया।

अध्यक्ष ने इसके बाद लोकसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।

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