प्रधानमंत्री मोदी को सदन में नोटबंदी पर हो रही बहस में हिस्सा लेना चाहिए : राहुल गांधी

प्रधानमंत्री मोदी को सदन में नोटबंदी पर हो रही बहस में हिस्सा लेना चाहिए : राहुल गांधीकांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी।

नई दिल्ली (भाषा)। संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा व राज्यसभा में नोटबंदी का मुद्दे चल रही गरमागरम बहस पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूद रहने की मांग की।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा, "वह संसद के बाहर कभी हसंते हैं तो कभी रोते हैं। प्रधानमंत्री को सदन में आना चाहिए और बहस में हिस्सा लेना चाहिए।" उन्होंने कहा कि मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही में भाग लिया, लेकिन उन्होंने नोटबंदी के सरकार के आठ नवंबर के फैसले पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। विपक्षी पार्टियां लगातार मांग कर रही हैं कि प्रधानमंत्री नोटबंदी पर चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रहें।

संसद के शीतकालीन सत्र में सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मौजूद होने की मांग को लेकर जारी विपक्ष के घमासान के बीच राहुल गांधी ने आज सवाल किया कि वे इतना डरे हुए क्यों हैं, साथ ही मोदी को संसद में चर्चा में हिस्सा लेने की चुनौती दी ताकि सभी बातें स्पष्ट हो सके।

प्रधानमंत्री नोटबंदी के कारण लोगों को हुई पीड़ा पर हंस रहे थे और बाद में इस विषय पर बोलते हुए भावुक भी हुए। अब देखते हैं कि जब वे लोकसभा में आते हैं तब उनके चेहरे पर कैसा भाव उत्पन्न होता है।
राहुल गांधी कांग्रेस उपाध्यक्ष

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य मुद्दा यह है कि प्रधानमंत्री चर्चा में हिस्सा लेने के लिए लोकसभा में नहीं आते हैं, जिस क्षण वे लोकसभा में आएंगे, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।'' राहुल ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री लोकसभा में नहीं बैठना चाहते हैं, हमें लोकसभा में बोलने से रोका गया, आप किस बात से डरे हुए हैं।''

ग्लोबल सिटिजन फेस्ट में संबोधन को लेकर प्रधानमंत्री पर चुटकी लेते हुए राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री पॉप कंसर्ट को संबोधित कर सकते हैं लेकिन वे नोटबंदी पर सदन में चर्चा में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने जोर दिया कि जिस क्षण लोकसभा में मोदी की उपस्थिति में चर्चा शुरू होगी तब यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रधानमंत्री ने 8 नवंबर के कदम के बारे में पहले ही कथित तौर पर किन किन लोगों को बताया था।

राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा नेताओं को इसके बारे में पहले ही पता था। उन्होंने कहा, ‘‘वे संसद के बाहर बोलते हैं, पॉप कंसर्ट में बोलते हैं लेकिन वे लोकसभा में नहीं बोल रहे हैं।''

बहरहाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने नोटबंदी के मुद्दे पर सदन में मोदी के उपस्थित रहने की विपक्ष की मांग पर जोर देते हुए कहा कि इस अफरातफरी और वित्तीय अराजकता के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। शर्मा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को सदन में आना चाहिए, उन्हें बताना होगा, इस बारे में जवाबदेही तय हो, अफरातफरी और वित्तीय अराजकता के लिए। प्रधानमंत्री जवाबदेह है और आरबीआई गर्वनर भी।''

नोटबंदी को अघोषित वित्तीय आपातकाल करार देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि किस कानून के तहत लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई का पैसा निकालने से रोका जा रहा है। दुनिया में कोई देश ऐसी स्थिति पैदा होने की अनुमति नहीं दे सकता है जैसी स्थिति हमारे देश में हुई है।

संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह बड़ा घोटाला है और सितंबर माह में बड़े पैमाने पर बैंकों में धन जमा होने से यह स्पष्ट होता है और इसे कथिततौर पर चुनिंदा लीक करने की बात कही गई है।


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