उपहार अग्निकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल अंसल को एक साल जेल की सजा सुनाई

उपहार अग्निकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल अंसल को एक साल  जेल की सजा सुनाईसुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उपहार अग्निकांड मामले में रियल एस्टेट दिग्गज गोपाल अंसल को एक साल के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने 2:1 के बहुमत से फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल अंसल को कारावास की शेष सजा पूरी करने के लिए चार सप्ताह में आत्मसमर्पण करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने सुशील अंसल को राहत देते हुए उन्हें उतने ही समय की सजा सुनाई जितनी अवधि की सजा वह जेल में गुजार चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुशील और गोपाल अंसल पर उसके द्वारा लगाया गया 30-30 करोड़ रुपए का जुर्माना अत्यधिक नहीं है।

वर्ष 1997 में हुए उपहार अग्निकांड में 59 लोग मारे गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने 2:1 के बहुमत से फैसला सुनाया और गोपाल अंसल को एक साल कारावास की शेष सजा पूरी करने के लिए चार सप्ताह में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बड़े भाई सुशील अंसल की अधिक उम्र को ध्यान में रखते हुए उन्हें राहत दी और उन्हें उतने ही समय की सजा सुनाई जितनी अवधि वह जेल में गुजार चुके हैं, इस अवधि में उन्हें दी गई छूट भी शामिल है।

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने बहुमत के फैसला में कहा कि न्यायालय द्वारा सुशील और गोपाल अंसल पर लगाया गया 30-30 करोड़ रुपए का जुर्माना अत्यधिक नहीं है। न्यायमूर्ति गोगोई और न्यायमूर्ति जोसेफ ने बहुमत का फैसला दिया जबकि न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल अल्पमत में थे।

सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश सीबीआई और पीड़ितों की संस्था की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुनाया। याचिकाओं में मामले में वर्ष 2015 में सुनाए गए फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया गया था। इस फैसले में कहा गया था कि जुर्माने के रूप में 30-30 करोड़ रुपए नहीं देने पर सुशील अंसल और गोपाल अंसल को दो साल की कैद की सजा भुगतनी होगी।

गौरतलब है कि 13 जून 1997 को दक्षिण दिल्ली के उपहार सिनेमा में 'बॉर्डर' फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान आग लग गई थी, जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी।

First Published: 2017-02-09 13:42:04.0

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