हर बैंक में भीड़ मगर महिला बैंक का मौसम गुलाबी

हर बैंक में भीड़ मगर महिला बैंक का मौसम गुलाबीभारतीय महिला बैंक के बाहर नहीं लगी है भीड़, आराम से ग्राहक निकाल रहे हैं रुपये।

रिपोर्ट: सुधा पाल

लखनऊ। देश के हर बैंक में भीड़ है, मगर भारतीय महिला बैंक का मौसम गुलाबी है। केंद्र सरकार की ओर से बड़े नोट को अमान्य घोषित किए जाने पर जहां अन्य बैंकों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं महिला बैंकों में ग्राहक आसानी से पैसे निकालने के साथ-साथ जमा भी करवा रही हैं। इससे बैंक कर्मचारी और ग्राहक, दोनों ही संतुष्ट नज़र आ रहे हैं। शादी और बर्थ डे पार्टी जैसे विशेष अवसर के लिए भी ज़रूरत के अनुसार ग्राहकों को रुपए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

जहां मचा है हाहाकार

सुबह से ही लगभग सभी बैंकों में खाताधारकों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। किसी को 500 और 1000 रुपए के बंद पड़े पुराने नोट बैंक में जमा करवाने हैं तो किसी को रुपये निकालने हैं। बैंक खुलते ही लोग कतार में लगे नज़र आ रहे हैं। इतना ही नहीं, भीड़ को देखते हुए पुलिस की भी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। इन सब बैंक से अलग एक बैंक ऐसी भी है, जहां ज़रूरतें वहीं हैं, लेकिन नज़ारा इससे हट कर है। ये बैंक है महिला बैंक। इन महिला बैंकों में ग्राहक (महिलाएं) हैं। जहां नोटबंदी से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है, वहीं इन बैंकों में महिलाएं आसानी से पैसे जमा कर रही हैं और निकाल रही हैं। यानी बिना किसी चिकचिक के नोट भी यहां बदले जा रहे हैं।

ग्राहक संतुष्ट और खुश

पीएनबी की महिला बैंक की सीनियर मैनेजर ज्योति शुक्ला ने बताया कि उनके बैंक में आने वाले सभी ग्राहक संतुष्ट और खुश हैं। प्रधानमंत्री के अचानक आए फैसले से शुरुआती दिनों में भीड़ रही। इसके बाद स्थिति अब थोड़ी सामान्य हो चुकी है। भीड़ है, लेकिन उतनी नहीं है कि लोग परेशान हों। उन्होंने बताया कि हर दिन लगभग दो-ढाई हज़ार लोग बैंक आ रहे हैं। लगभग हर दिन तीन से चार लाख कैश बैंक से निकल रहा है।

सभी की ज़रूरत का रखा जा रहा ध्यान

भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) की हज़रतगंज ब्रांच के मैनेजर अनूप सरकार बताते हैं कि इस बैंक को खुले लगभग तीन साल हो चुके हैं। इस बीच लगभग 8000 लोगों ने अपना खाता खुलवाया। यहां नोटबंदी के दौरान आनेवाले ग्राहकों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन परेशानी नहीं आई। बैंक के कर्मचारियों के साथ ग्राहक भी स्थिति के अनुसार एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। यहां कोई विशेष भीड़ नहीं रह गई है। लगभग 300 ग्राहक हर दिन आते हैं और छुट्टे पैसे निकलवा कर ले जाते हैं। इसके साथ बैंक सभी ग्राहकों को बराबरी का दर्जा देते हुए सभी की ज़रूरतों पर ध्यान दे रहा है। सभी ग्रहकों की ज़रूरतों के अनुसार बैंक में पैसों का कलेक्शन मंगवा लिया जाता है। अनूप ने बताया कि अगर किसी ग्राहक को इमरजेंसी में शादी या पार्टी के लिए पैसे चाहिए तो बैंक उसे 24000 रुपए तक उपलब्ध करा रही है। इस बैंक में ज़्यादातर आनेवाली महिलाएं ग्रामीण हैं।

हमें कोई परेशानी नहीं हो रही है। पैसे आराम से जमा भी कर रहे हैं और निकाल भी रहे हैं। फिल्हाल स्याही ना होने की वजह से इस समय 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट नहीं बदले जा रहे हैं। इसके अलावा पैसे जमा करवा कर निकाल सकते हैं।
शैलजा (ग्राहक)

मुझे बाहर जाना था तो उसी के लिए पैसे लेने आई थी। कुछ जमा भी किए हैं, लगभग 2500, जिनमें 500 के पुराने नोट ही हैं।
अंकिता यादव (ग्राहक)

अच्छा है कि महिला बैंक है। यहां सहूलियत है, कोई धक्का-मुक्की नहीं है। मेरे जैसी उम्रदराज़ के लिए तो बहुत अच्छा है वरना और जगह तो कब नंबर आए, कुछ पता ही नहीं चलता।
सरला देवी (ग्राहक)

भीड़ है, लेकिन इतनी नहीं कि कोई परेशानी हो। सब ग्राहक आ रहे हैं और पैसे जमा कर रहे हैं, कोई दिक्कत नहीं हो रही है। बस अभी स्याही नहीं आ पाई है तो उस वजह से नोट बदल नहीं पा रहे हैं। बस एक दिन की बात है और अगले दिन ग्राहक सुबह से पैसे बदलवा सकते हैं।
ज्योति शुक्ला, सीनियर मैनेजर (पीएनबी)

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