सशस्त्र बलों पर हमला करने से अब नहीं डरते आतंकवादी: उमर अब्दुल्ला 

सशस्त्र बलों पर हमला करने से अब नहीं डरते आतंकवादी: उमर अब्दुल्ला मंगलवार को नगरोटा में हुए आतंकी हमलेे में सात जवान शहीद हो गए थे।

श्रीनगर (भाषा)। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लक्षित हमले के आतंकवादियों को ‘रोकने’ में नाकाम रहने का दावा करते हुए केंद्र से कहा है कि वह नगरोटा में आतंकवादी हमले में सेना के सात जवानों के शहीद होने के मद्देनजर देश को पाकिस्तान संबंधी अपनी नीति के बारे में जानकारी दे।

उमर ने नगरोटा हमले के बाद कल रात ट्विटर पर लिखा, “आतंकवादियों की गोलियां लगने से हमारे सात जवान शहीद हो गए हैं, ऐसे में सरकार को देश को पाकिस्तान संबंधी अपनी नीति के बारे में बताना चाहिए।” उन्होंने कहा, “यह भी सच्चाई है कि आतंकवादी ‘लक्षित हमले’ से पहले की तुलना में अब हमारे सशस्त्र बलों पर हमला करने से नहीं डरते।” जम्मू क्षेत्र में कल दो आतंकवादी हमले हुए थे, जिनमें मेजर रैंक के दो अधिकारियों समेत सेना के सात जवान शहीद हो गए थे और बीएसएफ के एक डीआईजी समेत आठ अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद अलग भीषण मुठभेडों में भारी हथियारों से लैस छह आतंकवादी मारे गए थे।

नेशनल कांफ्रेंस के कार्यवाहक अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पाकिस्तान छह महीने पहले की तुलना में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग नहीं है। उन्होंने कहा, “भाजपा के प्रवक्ता हमें कुछ भी भरोसा दिलाना चाहते हों, लेकिन पाकिस्तान छह महीने पहले की तुलना में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग नहीं है।”

उन्होंने अपने पिता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री फारुक अब्दुल्ला के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर संबंधी बयान को लेकर भाजपा की ओर से हो रही तीखी आलोचना का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा, “सरकार की आलोचना करने वाले को ‘पाकिस्तान के मित्र’ कहना बहुत आसान है लेकिन सोच समझकर एक ठोस नीति नहीं बनाने का यह बहुत बेकार बहाना है।”

नगरोटा हमला: शिविर में तलाश अभियान शुरू

जम्मू (भाषा)। नगरोटा में सेना के शिविर में छुपे किसी भी आतंकवादी की तलाश के लिए बुधवार को अभियान शुरू किया गया। यहां पर एक आतंकी हमले में सेना के सात जवान शहीद हो गये थे।सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग के बुधवार स्थिति की समीक्षा करने के लिए नगरोटा कोर के मुख्यालय आने की संभावना है।

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “बुधवार सुबह शिविर में तलाश अभियान फिर से शुरू किया गया।” उन्होंने बताया, “इलाके में कोई अन्य आतंकवादी तो नहीं छिपा है यह देखने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया है। हम कोई जोखिम नहीं ले सकते।” जम्मू में मंगलवार दो आतंकी हमले हुए थे जिसमें मेजर रैंक के दो अधिकारियों सहित सात सैन्यकर्मी शहीद हो गये थेे और बीएसएफ के एक डीआईजी सहित आठ सुरक्षाकर्मी घायल हो गये थे। अलग-अलग मुठभेड़ में भारी हथियारों से लैस छह आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया था।

शहीद हुए अधिकारियों एवं जवानों के परिजन के प्रति गहरी संवेदनाएं। ईश्वर शहीदों की आत्मा को शांति दे
उमर अब्दुल्ला, पूर्व सीएम, जम्मू-कश्मीर

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