दो महीने में मात्र 20 फीसदी भी नहीं हुई धान खरीद

दो महीने में मात्र 20 फीसदी भी नहीं हुई धान खरीदतिर्वा कृषि उपमंडी पर लगे धान को बोरे में रखते मजदूर।

गाँव कनेक्शन संवाददाता

कन्नौज। जिले में धान खरीद की रफ्तार काफी कम है। दो महीने गुजर रहे हैं, लेकिन आंकड़ा 20 फीसदी से भी कम है। 26 दिसम्बर तक सिर्फ 4492.49 मीट्रिक टन ही धान खरीदा गया है।

वीवीआईपी जिले में एक नवम्बर 2016 से धान खरीद का समय शुरू हो गया था, जो 28 फरवरी 2017 तक चलेगा। पिछले साल अक्टूबर 2015 से जनवरी 2017 तक धान खरीदा गया था। इस साल विपणन शाखा के पांच, पीसीएफ के 11, यूपी एग्रो के दो, उत्तर प्रदेश कर्मचारी कल्याण निगम का एक, भारतीय खाद्य निगम के दो और एनसीपीएफ के तीन केंद्र खोले गए हैं। इसके अलावा 13 आढ़तियों को भी सरकारी रेट 1,470 रुपए कुंतल धान खरीदने की हरी झंडी मिली है। ए ग्रेड का धान खरीदने के लिए 1,510 रुपए कुंतल रेट निर्धारित किया गया है।

एक आढ़त पर लगा धान का ढेर।

इस बार जिले में 27,850 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जिसे फरवरी 17 तक पूरा करना है। 26 दिसम्बर 16 तक 4,492.49 मीट्रिक टन ही धान खरीदा गया है। यह 18 फीसदी से भी कम है। दो महीने ही लक्ष्य पूरा करने को बचे हैं और 80 फीसदी से अधिक धान खरीद करनी होगी। दूसरी ओर निजी आढ़तियों के यहां भी खरीद कम है लेकिन सरकारी केंद्रों की अपेक्षा धान अधिक खरीदा जा रहा है।

खरीद केंद्रों पर धान की आवक कम है। नोटबंदी इसका मुख्य कारण है। वह आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान धान विक्रेता के खातों में भेजते हैं। इसकी वजह से किसान सरकारी केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं। बैंकों में लाइन लगानी पड़ती है, एक मुश्त रुपया भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इसलिए किसान निजी आढ़तियों के यहां धान बिक्री कर रहे हैं।
संतोष पटेल, डिप्टी आरएमओ-कन्नौज

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