‘बिहार दिवस’ समारोह के लिए गांधी मैदान सजधज कर तैयार, ‘नशा मुक्त बिहार’ थीम पर आधारित है बिहार दिवस  

‘बिहार दिवस’ समारोह के लिए गांधी मैदान सजधज कर तैयार, ‘नशा मुक्त बिहार’ थीम पर आधारित है बिहार दिवस  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

पटना (आईएएनएस)। आज 22 मार्च को बिहार राज्य 105 वर्ष का हो गया है। ठीक आज के दिन 22 मार्च 1912 को बिहार को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर एक नया राज्य बनाया गया था। यहीं वजह है कि बिहार सरकार हर साल 22 मार्च को बिहार दिवस मनाती है। पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान 'बिहार दिवस' समारोह के लिए सजधज कर तैयार है।

बिहार दिवस के मौके पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह का बुधवार शाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उद्घाटन करेंगे। 'नशा मुक्त बिहार' थीम पर आधारित बिहार दिवस को लेकर राज्य के सभी जिलों में कई तरह के समारोहों का आयोजन किया गया है।

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पटना के गांधी मैदान और श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में समारोह का आयोजन किया गया। बिहार दिवस समारोह में गांधी मैदान में विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां उन विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों आदि की जानकारी दी जाएगी।

बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस के मौके पर सभी राज्य के सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा बिहार दिवस का विधिवत उद्घाटन गांधी मैदान में बुधवार शाम साढ़े पांच बजे किया जाएगा, जबकि समापन समारोह 24 मार्च की शाम को होगा, जिसमें मुख्य अतिथि राज्यपाल रामनाथ कोविन्द होंगे।

बिहार दिवस के मौके पर बुधवार सुबह पटना सहित विभिन्न जिला मुख्यालयों में प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें सभी उम्र के लोगों ने भाग लिया। बिहार दिवस को लेकर छात्र-छात्राओं, युवाओं, खिलाड़ियों, अधिकारियों ग्रामीण महिलाओं, जनप्रतिनिधियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार दिवस समारोह मनाने की शुरुआत हुई थी।

बिहार दिवस के मुख्य समारोह के लिए गांधी मैदान को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। गांधी मैदान में समारोह को लेकर बहुत बड़ा पंडाल बनाया गया है। पंडाल के अंदर मुख्य मंच बनाया गया है, जहां कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। पंडाल में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, वन एवं पर्यावरण विभाग, जीविका परियोजना सहित कई विभागों के अलग-अलग मंडप (पवेलियन) बनाए गए हैं।

जीविका द्वारा तैयार मंडप में स्थापित मूक मूर्तियां गांवों में हुए नारी सशक्तीकरण की कहानियां कह रही हैं, जबकि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के मंडप को महान साहित्यकारों की तस्वीरों से सजाया गया है। उद्योग विभाग और जीविका के मंडप के प्रवेश द्वार को मधुबनी पेंटिंग से सजाया गया है।

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