मोदी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 15 को

मोदी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 15 कोप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।

इलाहाबाद (भाषा)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उस याचिका पर सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख निर्धारित की जिसमें वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि याचिका को शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाए और मुकदमा नहीं चलाया जाए, क्योंकि याचिकाकर्ता के आरोप ‘तुच्छ और महत्वहीन' हैं।

न्यायमूर्ति वीके शुक्ला के समक्ष दलील रखते हुए मोदी के वकील सत्यपाल जैन ने कहा कि कांग्रेस विधायक अजय राय द्वारा दायर याचिका विचारणीय नहीं है क्योंकि इसमें लगाए गए कोई भी आरोप जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत नहीं आते। राय ने वाराणसी से मोदी के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़ा था।

चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं को मोदी की तस्वीरों वाला पोस्टर और टी-शर्ट बांटे जाने के आरोपों का जवाब देते हुए जैन ने कहा, ‘‘इस तरह के कृत्यों को उम्मीदवार की तरफ से तभी कदाचार बताया जा सकता है जब यह साबित हो कि प्रचार में शामिल लोग उनकी सहमति से कार्य कर रहे थे। याचिकाकर्ता इसे यहां स्थापित करने में विफल रहे हैं.''

जैन ने कहा, ‘‘इसके अलावा टी-शर्ट और पोस्टरों का कथित वितरण मोदी के नामांकन पत्र दायर करने से पहले हुआ था। आरपीए के अनुसार, चुनाव लड़ रहा व्यक्ति उस तारीख से उम्मीदवार माना जाएगा, जब वह अपना नामांकन पत्र दायर करता है। उस तारीख से पहले निर्वाचन क्षेत्र में जो कुछ भी होता है उसे उम्मीदवार के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।'' जैन अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं।

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