कानपुर ट्रेन हादसे में सनसनीखेज खुलासा- प्रेशर कुकर बम से उड़ाई गई थीं पटरियां: एटीएस

कानपुर ट्रेन हादसे में सनसनीखेज खुलासा- प्रेशर कुकर  बम से उड़ाई गई थीं पटरियां: एटीएसकानपुर देहात के पुखरायां में 20 नवंबर को हुआ था दर्दनाक हादसा।

लखनऊ/मोतिहारी। कानपुर देहात में साजिश कर इंदौर-पटना एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतारे गए थे। बिहार के मोतिहारी में गिरफ्तार संदिग्ध आरोपियों ने यूपी एटीएस की पूछताछ में कबूल किया है कि पुखरायां में 20 लीटर के कुकर में बारूद भरकर विस्फोट कर पटरियां उड़ाई गईं थी, हादसे में 150 लोगों की जान गई थी।

कानपुर हादसे के सिलसिले में बिहार गई यूपी पुलिस की टीम के सामने अभियुक्तों ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। अभियुक्त मोतीलाल ने बताया है कि रेल पटरी को तोड़ने के लिए उसने 20 लीटर के प्रेशर कुकर में विस्फोटक भरके आईएडी तैयार किया था। उसने बताया कि इसके उसने साथ सात अन्य लोग भी शामिल थे। इसके लिए अभियुक्तों ने दो बार कानपुर का दौरा किया था।

कानपुर रेल हादसे में संलिप्तता को लेकर मोतिहारी में गिरफ्तार मोतीलाल पासवान से पूछताछ की गई है। उसने जो जानकारी दी है उसके सबूतों केा फोरेसिंक जांच कराई जा रही है। सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ‘’
असीम अरुण, आईजी, यूपी एटीएस

बिहार के मोतिहारी में गिरफ्तार इन अभियुक्तों से पूछताछ करने के लिए उत्तर प्रदेश् के डीजीपी जावीद अहमद के निर्देश पर एटीएसी के आईजी और रेलवे के आईजी को मोतिहारी भेजा गया है। गुरूवार को एटीएस के आईजी ने इस मामले के मुख्य अभियुक्त मोतीलाल पासवान से पूछताछ की, जिसमें मोतीलाल पासवान ने पुलिस को बताया कि कानपुर हादसे का मास्टरमाइंउ ब्रज किशोर गिरि है, जिसमें मोतीलाल के अलावा सात और लोग भी शामिल थे। ब्रज किशोर गिरी को हत्या के आरोप में नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है और काठमांठू अस्पताल में वह भर्ती है। एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया '' कानपुर रेल हादसे में संलिप्तता को लेकर मोतिहारी में गिरफ्तार मोतीलाल पासवान से पूछताछ की गई है। उसने जो जानकारी दी है उसके सबूतों केा फोरेसिंक जांच कराई जा रही है। सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ''

इंदौर-पटना एक्सप्रेस में हुआ था हादसा।

बिहार में दो दिन पहले हुई गिरफ्तारियों से हुए खुलासे

बीस नवंबर को यूपी के कानपुर में हुए हादसे के तार पाकिस्तान से जुड़ते नजर आ रहे हैं। हादसे में 150 लोगों ने जान गंवाई थी। बिहार में एक दूसरे ट्रेन हादसे की जांच के दौरान पकड़े गए 6 संदिग्ध लोगों में एक ने स्वीकार किया है कि कानपुर हादसे के पीछे साजिश हुई थी। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने भी माना है एक संदिग्ध ने साजिश की बात स्वीकार की थी।

कानपुर के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास 20 इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई थी। बताया जा रहा है इस घटना के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एंजेसी के लिए काम करने वाले एक शख्स का हाथ हो सकता है। इस हादसे के बाद रेलवे के पटरियां बिखरी मिली थीं, अब तक पटरी चटकने आदि के कारण हुई दुर्घनटा में मृतकों की संख्या सबसे ज्यादा था, इसीलिए रेलवे ने संदेश के आधार पर ही मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। लेकिन अब बिहार पुलिस के हत्थे चढ़े इन संदिग्धों से हुई पूछताछ ने इसे दिशा दी है।

एक अक्टूबर को रक्सौल-दरभंगा रेल लाइन पर एक बम बरामद हुआ। गनीमन रही कि विस्फोट से पहले पुलिस से उसे बरामद कर लिया था। इस घटना के बाद इलाके के दो लोगों की हत्या हो गई थी। बताया जा रहा इन्होंने ही विस्फोट की सुपारी ली थी। पूर्वी चंपारण के एसपी जितेंद्र राणा ने पत्रकारों को बताया कि, “चाचा-भतीजे की हत्या के जांच में सनसनीखेज खुलासे हुए, दोनों की हत्या ट्रेन के आगे विस्फोट नहीं करने के चलते हुए थी। बस रखने के मामले में कुल दस आरोपी थे, छह कि गिरफ्तारी हो चुकी है, दो फरार है। चाचा-भतीजा की हत्या और बम रखने के आरोपी मोती पासवान, उमाशंकर पटेल और मुकेश यादव को गिरफ्तार किया गया है।” बिहार पुलिस के मुताबिक मृतक चाचा-भतीजे ने रक्सौल-दरभंगा रेल लाइन पर घोडासहन में ट्रेन उड़ाने की सुपारी ली थी, लेकिन कामयाब नहीं हो सके, जिसक बाद दोनों की हत्या कर दी गई। सुपारी देने वाला बृजकिशोर अपने दो साथियों मुजाहिर अंसारी और शंभुगिरी के साथ नेपाल में गिरफ्तार हुआ है।

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