पत्रकारों के सवालों पर रो पड़े प्रो. रामगोपाल, बोले-शिवपाल कर रहे टिकट देने में धांधली

पत्रकारों के सवालों पर रो पड़े प्रो. रामगोपाल, बोले-शिवपाल कर रहे टिकट देने में धांधलीपूर्व सपा राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव व साथ में उनके पुत्र सांसद अक्षय यादव एवं जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव व अन्य।

गाँव कनेक्शन संवाददाता

इटावा। मुलायम परिवार में भले ही कहने को सब ठीक हो चुकने का दावा किया जा रहा है लेकिन हक़ीकत ये नहीं है। यह बात अपने गृह जनपद आने के बाद सपा के निष्कासित पूर्व राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने कही। प्रेस वार्ता में प्रो. रामगोपाल उन पर लगाए गए बेईमानी के आरोपों का जवाब देते समय रो पड़े। उन्होंने सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह पर जमकर हमला किया। साथ ही, उन्होंने सपा मुखिया मुलायम सिंह से पार्टी के बाहर किए गए नेताओं को वापस बुलाने की भी अपील की।

जिला पंचायत सभागार में पत्रकारों के साथ वार्ता करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव टिकट वितरण में लापरवाही बरत रहे हैं जबकि प्रदेश की जनता सिर्फ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा घोषित प्रत्याशियों को ही चुनाव जिताने की ठान चुकी है।” उन्होंने कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव जब स्वयं कोई फैसला लेते हैं तो उस फैसले की देश में सभी लोग प्रशंसा करते हैं और जब नेताजी किसी के कहने पर फैसला लेते हैं तो उन्हें उसी फैसले पर आलोचना सहनी पड़ती है। हाल ही में नेताजी ने जिन लोगों के कहने पर फैसला लिया है वह सभी के सामने है।

प्रो. रामगोपाल ने कहा, “पिछले दो महीने से अधिक समय से समाजवादी पार्टी से कई नेताओं को असंवैधानिक तरीके से निकाला गया है। मुख्यमंत्री को नजरंदाज करके मनमाने तरीके से टिकटों का वितरण किया जा रहा है। इससे सपा के हजारों कार्यकर्ता जिनमें राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिनिधि विधायक और सांसद भी शामिल हैं, वे आहत हैं।” वे आगे कहते हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं यह घोषित करें कि विधानसभा का चुनाव अखिलेश यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा और वही मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।

एक पल ऐसा भी आया जब प्रो. रामगोपाल यादव प्रेस वार्ता में रो पड़े। उन्होंने कहा, “वह सपा के लिये हमेशा ही कार्य करते रहे हैं और करते रहेंगे। चुनाव चिन्ह सहित पार्टी के संविधान को लेकर उन्होंने पूरा योगदान दिया है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव उन्हें जब भी बुलाते थे तुरंत उनके पास पहुंचते थे लेकिन अब पार्टी से निष्कासित होने के बाद उनकी कोई मुलाकात नहीं हुई है। वह स्वयं नेताजी से मिलने नहीं जाएंगे।”


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