डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने किए ये उपाय

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने किए ये उपायरेल मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है कि डिजिटल तरीकों जैसे कि डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड इत्यादि के जरिए भुगतान करने की स्थिति में उपनगरीय मार्गो के सीजन टिकटों के मूल किराए में 0.5 फीसदी डिस्काउंट दिया जाएगा।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। डिजिटल और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा की गई घोषणा के मद्देनजर रेल मंत्रालय ने विभिन्न प्रोत्साहनों और उपायों का अतिरिक्त निम्नलिखित पैकेज पेश किया है। यह अगले साल एक जनवरी से प्रभावी होगा।

रेल मंत्रालय ने आरक्षित और अनारक्षित दोनों ही टिकटें जारी करने के लिए यात्री टिकट सुविधा केंद्रों (वाईटीएसके) को पीओएस मशीनें लगाने और सभी बैंकों के डेबिट/क्रेडिट कार्डो के जरिए भुगतान स्वीकार करने का निर्देश देने का फैसला किया है। इन केंद्रों को अन्य मोड जैसे कि यूपीआई, यूएसएसडी, ई-वॉलेट आधार से संबंद्ध भुगतान प्रणाली के जरिए भी भुगतान स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मंत्रालय ने अनारक्षित टिकट जारी करने के लिए जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा (जेटीबी) को भी अन्य मोड जैसे कि यूपीआई, यूएसएसडी, ई-वॉलेट, आधार से संबद्ध भुगतान प्रणाली के जरिए भुगतान स्वीकार करने का निर्देश देने का फैसला किया है। डिजिटल तरीकों जैसे कि डेबिट/क्रेडिट कार्डो के उपयोग के जरिए विश्राम-कक्ष की बुकिंग पर पांच फीसदी डिस्काउंट की अनुमति देने का भी निर्णय लिया गया है।

रेल मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है कि डिजिटल तरीकों जैसे कि डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड इत्यादि के जरिए भुगतान करने की स्थिति में उपनगरीय मार्गो के सीजन टिकटों (मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक, वार्षिक) के मूल किराए में 0.5 फीसदी डिस्काउंट दिया जाएगा। 0.5 फीसदी रियायत देने के बाद जो मूल किराया होगा, उस पर अन्य प्रभार जैसे कि एमयूटीपी सरचार्ज, मेला सरचार्ज, सेवा कर इत्यादि, यदि लागू हो तो अलग से लगाए जाएंगे।

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