बलात्कार मामला: उच्चतम न्यायालय ने खारिज की राजद के निलंबित विधायक को मिली जमानत 

बलात्कार मामला: उच्चतम न्यायालय ने खारिज की राजद के निलंबित विधायक को मिली जमानत न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति एएम सापरे की पीठ ने कहा कि उन्होंने बिहार सरकार की अपील को स्वीकार कर लिया है। इस अपील में यादव को इस साल 30 सितंबर को पटना उच्च न्यायालय की ओर से दी गई जमानत को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

नई दिल्ली (भाषा)। नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोपी और राजद के निलंबित विधायक राज बल्लभ यादव को जेल में ही रहना होगा क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने पटना उच्च न्यायालय से उन्हें मिली जमानत को गुरुवारक को खारिज कर दिया।

न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति एएम सापरे की पीठ ने कहा कि उन्होंने बिहार सरकार की अपील को स्वीकार कर लिया है। इस अपील में यादव को इस साल 30 सितंबर को पटना उच्च न्यायालय की ओर से दी गई जमानत को रद्द करने का अनुरोध किया गया था। शीर्ष अदालत ने 8 नवंबर को उच्च न्यायालय का आदेश निलंबित करते हुए यादव को बिहार की निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए कहा था। यादव ने निर्देश का पालन किया था।

शीर्ष न्यायालय ने निचली अदालत को यह निर्देश भी दिया था कि वह बलात्कार की नाबालिग पीड़िता का बयान दो सप्ताह में दर्ज करे। न्यायालय ने यादव से इस मामले में किसी भी तरह से दखल न देने के लिए कहा था। न्यायालय ने पहले यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने पीड़िता को निचली अदालत के समक्ष पेश किए जाने तक बिहार से बाहर रहने का अनुरोध किया था। न्यायालय का मानना था कि जब तक पीड़िता निष्पक्ष ढंग से और बिना किसी डर के अपना बयान दर्ज नहीं करा लेती, तब तक राजद के विधायक को जेल में रहना चाहिए। न्यायालय ने कहा था कि वह लड़की की सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंतित है।

राज्य सरकार ने न्यायालय से कहा था कि चूंकि आरोपी के जमानत पर बाहर होने के कारण लड़की डरी हुई है। इस पर शीर्ष न्यायालय ने 18 अक्तूबर को निचली अदालत को निर्देश दिया था कि वह 24 अक्तूबर तक पीड़िता का बयान दर्ज न करे।

यादव ने इस साल छह फरवरी को बिहार शरीफ स्थित अपने आवास पर नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया था। वह काफी समय तक गिरफ्तारी से बचता रहा। पुलिस के सामने आत्मसमर्पण न करने की स्थिति में जब एक स्थानीय अदालत की ओर से उसे भगौड़ा घोषित करने और उसकी संपत्तियों को कुर्क करने का नोटिस जारी किया गया तो उसने एक स्थानीय अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

बिहार पुलिस ने अपने आरोप पत्र में एक महिला और उसके संबंधियों को भी आरोपी बनाया है। उन्हें इस आधार पर आरोपी बनाया गया है कि वे नवादा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक को कथित तौर पर महिलाएं उपलब्ध करवाते थे। राजद ने यादव के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी होने के एक दिन बाद 14 फरवरी को उसे पार्टी से निलंबित कर दिया था।

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