ग्रामीण आवास योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी

ग्रामीण आवास योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरीब्याज सब्सिडी ऐसे प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए उपलब्ध होगी, जो प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के दायरे में नहीं है।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एक नई आवास योजना को मंजूरी दी, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नए घरों के निर्माण या वर्तमान घरों के पुनर्निर्माण के लिए ऋण के ब्याज पर दो लाख रुपये तक सब्सिडी दी जाएगी। ब्याज सब्सिडी ऐसे प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए उपलब्ध होगी, जो प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के दायरे में नहीं है।

इस योजना के तहत, ''ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नए मकान बना सकेंगे या अपने मौजूदा पक्के मकानों का विस्तार कर सकेंगे। योजना के अंतर्गत ऋण लेने वाले लाभार्थियों को दो लाख रुपये तक की ऋण राशि पर ब्याज-सब्सिडी दी जाएगी।'' सरकार ने एक बयान में कहा कि इस योजना से बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों को लाभ होगा तथा दीर्घकालिक 24 वर्षों के लिए ऋण प्राप्त होगा।

बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय आवास बैंक इस योजना को कार्यान्वित करेगा। सरकार, राष्ट्रीय आवास बैंक को तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान का वर्तमान मूल्य सीधे प्रदान करेगी और इसके बदले, यह बैंक ब्याज सब्सिडी की राशि प्राथमिक ऋणदाता संस्थाओं (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों इत्यादि) को अंतरित करेगी। इसके परिणामस्वरूप, लाभार्थी के लिए मासिक किश्त कम हो जाएगी।

योजना के अंतर्गत सरकार वर्तमान व्यवस्थाओं के माध्यम से लाभार्थियों को तकनीकी सहायता सहित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के साथ उचित समन्वय के आवश्यक उपाय भी करेगी। इस नई योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों में सुधार के साथ, ग्रामीण आवास क्षेत्र में रोजगार सृजन भी होगा।

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