ग्वाटेमाला के संरक्षण गृह में आग से करीब 22 किशोरियों की मौत, दर्जनों झुलसी      

ग्वाटेमाला के संरक्षण गृह में आग  से करीब 22 किशोरियों की मौत, दर्जनों झुलसी      आग में जले बच्चों के रोते बिलखते परिजन। साभार : इंटरनेट

सैन जोस पिनुला (एपी)। ग्वाटेमाला की राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित सरकारी संरक्षण गृह में आग लगने से कम से कम 22 किशोरियों की मौत हो गई। जबकि दर्जनों लड़कियां गंभीर रूप से झुलस गईं।

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ग्वाटेमाला की राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित सरकारी संरक्षण गृह में समस्या तब शुरू हुई जब मंगलवार की शाम दर्जनों किशोरों ने वहां से भागने की कोशिश की। हालांकि ज्यादातर को पकड़कर उनके छात्रावासों में बंद कर दिया गया। यहां क्षमता से अधिक किशोरों को रखा गया था.

अधिकारियों ने बताया कि कल किसी ने ग्रामीण क्षेत्र में बने सुधार गृह में उस हिस्से में रखे गद्दों में आग लगा दी जहां लड़कियां रहती हैं। आग तेजी से दोनों छात्रावासों में फैल गई, जिसकी चपेट में आकर कम से कम 22 किशोरियों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लड़कियां गंभीर रूप से झुलस गईं।

घटना के बाद बच्चों के परेशान परिजनों ने कागज के टुकड़ों पर अपने बच्चों के नाम लिखकर संरक्षण गृह के कर्मचारियों को दिए, ताकि उन्हें अपने बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिल सके। इसके अलावा वह लोग अपने बच्चों का पता लगाने के लिए दो स्थानीय अस्पतालों और मुर्दाघर भी गए।

अधिकारी घटना में मारी गयी किशोरियों की पहचान की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कई शवों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण जरूरी होगा। रुजवेल्ट अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मार्को एंटोनियो बैरिएन्टोस ने अभिभावकों से बच्चों की तस्वीरें, दांत का रिकॉर्ड, टैटू या अन्य विशेषताओं की जानकारी लेकर आने को कहा है।

फुटपाथ पर सामान बेचने वाली पिएडड एस्ट्राडा की 16 वर्षीय बेटी नौ दिनों से सुधारगृह में रह रही थी। उन्होंने उसे अस्पताल और मुर्दाघर में खोजा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पांच ऐसे शव मिले थे, जो पूरी तरह से पट्टियों से ढके हुए थे, इसलिए वह उनकी बच्ची के बारे में निश्चिततौर पर कुछ नहीं बता सकते। एस्ट्राडा ने घटना के लिए सरकार को दोषी ठहराया।

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