रोहतक रैली में केजरीवाल की ओर फेंका जूता, निशाना चूका

रोहतक रैली में केजरीवाल की ओर फेंका जूता, निशाना चूकाअरविंद केजरीवाल (फोटो साभार: गूगल)।

रोहतक (भाषा)। नोटबंदी पर यहां एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर आज एक जूता फेंका गया। उस वक्त वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बना रहे थे। हालांकि, युवक का निशाना चूक गया और जूता केजरीवाल को नहीं लगा। जूता फेंकने वाले युवक को पकड़ लिया गया। यह घटना रविवार शाम उस वक्त हुई, जब आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल नोटबंदी के खिलाफ ‘तिजोरी तोड़ भंडा फोड़' रैली को संबोधित कर रहे थे।

मोरी मकराना गाँव के विकास ने फेंका जूता

केजरीवाल की ओर उस वक्त जूता फेंका गया, जब वह नोटबंदी के फैसले को एक घोटाला करार देते हुए प्रधानमंत्री पर हमला बोल रहे थे। वहां मौजूद हरियाणा से आप के वरिष्ठ नेता नवीन जयहिंद ने कहा, ‘जूता केजरीवाल जी को नहीं लगा।' आप कार्यकर्ताओं ने युवक को काबू कर लिया और बाद में अर्बन एस्टेट थाना पुलिस को सौंप दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘आरोपी की पहचान विकास (26) के रूप में हुई है। वह हरियाणा के दादरी जिला स्थित मोरी मकराना गांव का निवासी है।'

मगर मुझे सच बोलने से नहीं रोकेगा

पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘वह स्नातक है और बेरोजगार है। पूछताछ में उसने बताया कि वह सतलुज यमुना लिंक मुद्दे पर केजरीवाल के उन बयानों से आहत है, जो हरियाणा के हितों के खिलाफ हैं। पूछताछ के दौरान युवक की मानसिक स्थिति अच्छी नहीं दिखी।' केजरीवाल ने कहा कि इस घटना ने मोदी की कायरता साबित कर दी है। उन्होंने कहा, ‘मैंने कहा था मोदी जी कायर हैं इसलिए उन्होंने अपने पिट्ठू को जूते फेंकने के लिए भेज दिया, लेकिन आप जूते फेंक सकते हैं या सीबीआई के छापे पड़वा सकते हैं पर यह मुझे नोटबंदी घोटाले के बारे में सच बोलने से नहीं रोकेगा।'

बोले, नोटबंदी से पहले अपने करीबियों को सर्तक किया

नोटबंदी पर उन्होंने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि इस कदम ने गरीब किसानों को अपने ही पैसों के लिए लंबी कतारों में खड़ा कर दिया। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व ने नोटबंदी की घोषणा से पहले अपने करीबियों को सतर्क कर दिया था। उन्होंने नोटबंदी को देश की आजादी के बाद का सबसे बडा घोटाला करार दिया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी मोदी को निशाना बनाया और नोटबंदी की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह भ्रष्टाचार, काला धन, जाली नोट और आतंकी नेटवर्क को वित्त पोषण खत्म करने के वांछित लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि इसके उलट इसने समाज के सभी तबकों को प्रभावित किया है, खासतौर पर आम आदमी को।

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