भारतीय मूल के व्यक्ति को सिंगापुर में छह सप्ताह के कारावास की सजा 

भारतीय मूल के व्यक्ति को सिंगापुर में छह सप्ताह के कारावास की सजा सिंगापुर के सभी पुरुषों के लिए यह वैधानिक अनिवार्यता है कि वे दो साल के लिए रक्षा सेवा में अपनी सेवाएं दें।

सिंगापुर (भाषा)। सिंगापुर में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को अपनी राष्ट्रीय सेवा प्रतिबद्धताएं नहीं निभाने के जुर्म में छह सप्ताह के कारावास की सजा सुनाई गई है।

‘द स्ट्रेट्स टाइम्स' ने मंगलवार को बताया कि जय कमाल शाह (22) को राष्ट्रीय सेवा दायित्व नहीं निभाने के जुर्म में सोमवार को सजा दी गई। सिंगापुर के सभी पुरुषों के लिए यह वैधानिक अनिवार्यता है कि वे दो साल के लिए रक्षा सेवा में अपनी सेवाएं दें। शाह ने भारत में अपनी पढ़ाई पूरी की। वह पिछले साल अप्रैल में सिंगापुर वापस आया और करीब एक महीने बाद उसे राष्ट्रीय सेवा में सूचीबद्ध किया गया।

शाह पर 10,000 सिंगापुरी डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता था या तीन साल की सजा हो सकती थी। उसे छह सप्ताह की सजा सुनाई गई। शाह के वकील राजन सुब्रमण्यम ने मुकदमे के दौरान कहा कि शाह ने आत्मसमर्पण करने के लिए सिंगापुर लौटने से पहले अपनी परीक्षाएं समाप्त होने का इंतजार करने का फैसला किया ताकि उसे पढ़ाई बीच में ही छोड़ देने वाला न समझा जाए।

वकील ने अदालत से शाह पर केवल जुर्माना लगाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा में उसका प्रदर्शन अच्छा रहा है और वह शायद सेना में शामिल होने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि शाह के पास सिंगापुर का नागरिक होने के लाभ और विशेषाधिकार नहीं हैं क्योंकि उसने अपना पूरा जीवन भारत में बिताया है।

शाह की मां सिंगापुर की नागरिक हैं। उसकी मां ने अनुरोध किया था कि शाह की राष्ट्रीय सेवा की अवधि को स्थगित किया जा सके लेकिन यह अनुरोध खारिज कर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को ई-मेल भी किया था कि वह चाहती है कि उसके बेटे की सिंगापुर की नागरिकता समाप्त कर दी जाए।

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