हमने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्रों में क्रांति लाई: केजरीवाल

हमने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्रों में क्रांति लाई: केजरीवालअरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली (फाइल फोटो)

नई दिल्ली (भाषा)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्रों में अपनी सरकार के कार्यों को बुधवार को ‘क्रांतिकारी’ करार दिया और सुझाव दिया कि केंद्र एवं राज्यों को देश के विकास के वास्ते इसे ‘तरक्की के माॅडल’ के रूप में अपनाना चाहिए।

वैसे तो केजरीवाल अपने भाषणों में अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हैं लेकिन यहां छत्रसाल स्टेडियम में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में उन्होंने 23 मिनट का अपना भाषण आप के सुशासन एजेंडे पर केंद्रित रखा। इसे विधानसभा चुनाव में जा रहे पंजाब और गोवा के मतदाताओं के लिए एक संदेश समझा जा सकता है जहां केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) को ढेरों उम्मीदें हैं। केजरीवाल ने कहा, “जब दिल्ली में हमारी सरकार बनी तब हमने शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया और इन दोनों क्षेत्रों में क्रांति लायी। पहले बजट में हमने शिक्षा के बजट में दोगुणा और स्वास्थ्य के बजट में डेढ़ गुणा वृद्धि की।” उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर इतना अधिक धन व्यय करने को लेकर सरकार की आलोचना की लेकिन मैं इसे व्यय नहीं बल्कि भावी निवेश के तौर पर लेता हूं।” उन्होंने कहा कि यदि लोग शिक्षित एवं स्वस्थ होंेगे तो देश तेजी से तरक्की करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं गणतंत्र दिवस के मौके पर संदेश देना चाहता हूं कि यदि केंद्र और सभी राज्य सरकारें शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर ध्यान देने का ठान लेती हैं तो हमारा देश बड़ी उछाल लगाएगा।” उन्होंने कहा, “यह अच्छी बात है कि श्रेष्ठ निजी विद्यालय एवं अस्पताल हैं। लेकिन उत्तम शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना किसी भी सरकार की जिम्मेदारी है।”

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