उच्चतम न्यायालय ने प्रदूषण कम करने संबंधी याचिका की ख़ारिज

उच्चतम न्यायालय ने प्रदूषण कम करने संबंधी याचिका की ख़ारिजउच्चतम न्यायालय ने वैज्ञानिक शोध या सामग्री के अभाव में याचिका को खारिज कर दिया।

नई दिल्ली (भाषा)। वाहनों में एग्जॉस्ट को निचले हिस्से में लगाने के बजाए उपर लगाने की मांग करने वाली याचिका उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दी। याचिका में दावा किया गया था कि इससे प्रदूषण में कमी आएगी।

देश-दुनिया से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

वाहनों में एग्जास्ट को निचले हिस्से में लगाने की बजाय ऊपरी हिस्से में लगाने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का दावा था कि ऐसा करने से प्रदूषण में कमी आयेगी। प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर ने याचिकाकर्ता से पूछा, ‘‘हमें बताइए कि आपके इस अनुरोध का आधार क्या है. क्या कोई ऐसा वैज्ञानिक शोध है जो यह साबित करता हो कि एग्जॉस्ट यदि वाहन के उपरी हिस्से पर होगा तो इससे प्रदूषण में कमी आएगी।

केरल के निवासी याचिकाकर्ता साबू स्टीफन ने दावा किया था कि कृषि में काम आने वाले ट्रैक्टर जैसे वाहनों में एग्जॉस्ट ऊपर की ओर लगा होता है और यह प्रदूषण को कम करता है। प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड और संजय किशन कौल की पीठ ने वैज्ञानिक शोध या सामग्री के अभाव में याचिका को खारिज कर दिया।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

First Published: 2017-03-12 14:23:47.0

Share it
Share it
Share it
Top