‘पाकिस्तान को पहली बार में ही सबक सिखा देते, तो यह नौबत बार-बार नहीं आती’

‘पाकिस्तान को पहली बार में ही सबक सिखा देते, तो यह नौबत बार-बार नहीं आती’भारत-पाकिस्तान सीमा पर मुस्तैदी से तैनात जवान।

मथुरा (भाषा)। जम्मू-कश्मीर के माछिल सेक्टर में सीमा पार से हुए हमले में मारे गए तीन सैनिकों में एक का शव क्षत विक्षत किए जाने की घटना पर शहीद लांसनायक हेमराज सिंह की पत्नी धर्मवती ने आज यहां कहा कि अगर सरकार ने दुश्मन को पहली घटना के समय ही कड़ा सबक सिखा दिया होता, तो आज बार-बार यह कहने की जरुरत नहीं पड़ती कि सेना दुश्मन को कड़ा सबक सिखाएगी। वर्ष 2013 में नियंत्रण रेखा पर हेमराज शहीद हुए थे।

धर्मवती ने कहा कि यदि हमारी सरकार ने पाकिस्तान को पहली ही घटना के समय कड़ा सबक सिखा दिया होता, तो हमें आए दिन इस तरह की घटनाएं नहीं देखनी पड़ती। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को अब पाकिस्तान से दोस्ती पूरी तरह तोड़ लेनी चाहिए। उससे किसी तरह का कोई संबंध नहीं रखना चाहिए। उनके (पाकिस्तान के) सैनिक आए दिन हमारे सैनिकों के सिर काट कर ले जा रहे हैं और हमारी सरकार छोटी-मोटी लड़ाइयों (सर्जिकल स्ट्राइक) से काम चला रही है।'' धर्मवती ने कहा कि सरकार को इस घटना पर पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाना चाहिए, ताकि वह दोबारा ऐसी हरकत करने के बारे में सोच भी न सके।

गौरतलब है कि मथुरा निवासी धर्मवती के पति और 13 राजपूताना राइफल के लांसनायक हेमराज सिंह और मध्य प्रदेश के सुधाकर सिंह के शहीद होने के बाद उनके शवों के साथ भी पाकिस्तानी सैनिकों ने निर्मम व्यवहार किया था।

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