नोट प्रतिबंध से रीयल्टी, गैर टिकाऊ उपभोक्ता सामान बाजार प्रभावित होगा        

नोट प्रतिबंध से रीयल्टी, गैर टिकाऊ उपभोक्ता सामान बाजार प्रभावित होगा         प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन, जाली मुद्रा, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसी बुराइयों पर अंकुश के इरादे से मंगलवार 1,000 और 500 का नोट बंद करने की घोषणा की।

नई दिल्ली (भाषा)। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के 500 और 1,000 के नोटों पर प्रतिबंध के कदम से ई-कामर्स, रीयल एस्टेट और उपभोक्ता गैर टिकाऊ सामान क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होगा। हालांकि, इससे दीर्घावधि में अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन, जाली मुद्रा, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसी बुराइयों पर अंकुश के इरादे से मंगलवार 1,000 और 500 का नोट बंद करने की घोषणा की। नांगिया एंड कंपनी के प्रबंधकीय भागीदार राकेश नांगिया ने कहा, ‘‘इसका असर अर्थव्यवस्था के प्रत्येक क्षेत्र पर दिखाई देगा। सबसे अधिक प्रभाव रीयल एस्टेट क्षेत्र पर पडेगा। लघु अवधि में देशभर में उपभोक्ता इससे प्रभावित होंगे।''

उन्होंने कहा कि ई-कामर्स क्षेत्र में ‘कैश ऑन डिलिवरी' कारोबार इससे प्रभावित होगा। प्रत्येक असंगठित क्षेत्र को इस साहसिक कदम का प्रभाव झेलना पडेगा। डेलायट इंडिया के लीड अर्थशास्त्री अनीस चक्रवर्ती ने कहा कि इस कदम का असर जिंस एवं कृषि क्षेत्र के अलावा उपभोक्ता गैर टिकाऊ सामान क्षेत्र पर काफी अधिक दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि मध्यम से दीर्घावधि में संभवत: इसका सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव रीयल एस्टेट क्षेत्र पर पड़ेगा।

बीएमआर लीगल के प्रबंधकीय भागीदार मुकेश बुटानी ने कहा कि सरकार ने यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के अलावा व्यापक रुप से बेहिसाबी धन को सामने लाने के लिए उठाया है। बुटानी ने कहा कि यह कदम उपयुक्त समय पर उठाया गया है। आय खुलासा योजना बंद होने और दीवाली के एक सप्ताह के बाद।

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