मुकदमा दर्ज कराने पहुंची पीड़िता, एसओ ने थमाया अपना नंबर

मुकदमा दर्ज कराने पहुंची पीड़िता, एसओ ने थमाया अपना नंबरएसएसपी मंंजिल सैनी से मिलने के लिए पूरे दिन इंतजार करती रहीं पीड़िताएं।

बसंत कुमार

लखनऊ। दो महिलाएं एक व्यक्ति के खिलाफ रेप की कोशिश और डराने-धमकाने का आरोप लेकर पुलिस थाना बाज़ारखाला पहुंची तो एसओ एफआईआर दर्ज करने की बजाय यह कहते हुए अपना मोबाइल नम्बर दे दिया कि जब दोबारा परेशान करें तो मुझे फ़ोन पर सूचित करना। राजधानी की पुलिस की यह स्थिति तब है, जब उसी व्यक्ति के खिलाफ महिलाएं दूसरी दफा थाने पहुंची हैं।

रात डेढ़ बजे घर में घुसा बदमाश

सीमा (काल्पनिक नाम) का मकान गुलज़ार नगर में है। गोरखपुर की रहने वाली सुमन (काल्पनिक नाम) उनके यहां किराए पर रहती थी। जहां सीमा परचून की दुकान के साथ-साथ शादी-ब्याह में वेटर का काम कर अपनी ज़िन्दगी चलाती है तो सुमन उसके साथ ही वेटर का काम करती है। सीमा के पति रिक्शा चलाते हैं। सीमा बताती है कि 31 अक्टूबर की रात में पड़ोस में लोग जुआ खेल रहे थे। करीब डेढ़ बजे हमारे पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने परचून की दुकान पर आवाज़ लगाई। जब मैं दरवाजा खोलकर बाहर आई तो वह मेरी किरायेदार सुमन के कमरे में चला गया, जहां वो अपने पति के साथ थी। अंदर जाकर वह उससे बदतमीजी करने लगा।

चुप रहने की दे गये नसीहत

सीमा बताती हैं कि देर रात को कमरे में आकर वह गलत बातें करने लगा और पैसे फेंकने लगा। जब सीमा और आसपास के लोग ऊपर आए तो उसने सीमा को भी गलत बोलते हुए पैसे देने लगा। जब मैंने इस बात का विरोध किया तो मेरा हाथ पर ब्लेड मार दिया। शोरगुल करने पर उसके घर वाले भी आ गए और हमें ही चुप रहने की नसीहत देते हुए उसे लेकर चले गए।

मगर करता रहा परेशान

सीमा बताती हैं कि सुबह हम बाजार खाला थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस वालों ने हमारे सामने उसे थाने बुला लिया और एक रात रखकर दूसरे दिन छोड़ दिया। थाने से वापस आकर वो हमें गाली देने लगा और हमारे साथ गलत करने की धमकी देने लगा। मेरे पति से बोलने लगा कि मैं तेरी पत्नी के साथ गलत कर चुका हूं। उसके परिवार वालों ने कहा कि वह किरायेदार लड़की को अपने घर से हटा दो तो हमने इसे अपने घर से हटा दिया, लेकिन फिर भी वो हमें परेशान कर रहा है।

क्या बोले एसओ अनिल कुमार

इस सम्बन्ध में बाज़ार खाला के एसओ अनिल कुमार सिंह बताते हैं कि यह आपसी लड़ाई का मामला है। हमारे यहां जब दोनों लड़कियां आई थीं तो हमने उन्हें अपना नम्बर दिया और बोला जब भी परेशान करें तो हमें बुला लें। हम तुरंत करवाई करेंगे।

हमें तरह-तरह की धमकी देता है

सीमा कहती हैं कि यह पहली बार नहीं कि अमन ने हमारे साथ बदतमीजी की है। इससे पहले भी उसने हमारे साथ बदतमीजी की थी। तब भी हम थाने गए, लेकिन पुलिस और सभासद ने मामले को खत्म करने के लिए बोला और विश्वास दिलाया कि आगे से यह ऐसी हरकत नहीं करेगा, लेकिन वह नहीं माना। सीमा रोते हुए कहती हैं कि हमें बर्बाद करने की धमकी देता है। कहता है कि तुम लोगों के साथ गलत करके मारकर फेंक दूंगा। उसके पिता चुप नहीं रहने पर मारने की धमकी देते हैं। पुलिस से मदद के लिए गए, लेकिन पुलिस हमारी मदद नहीं कर रही है। अब हमें मैम (मंजिल सैनी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) से ही उम्मीद है। आज वो भी नहीं मिली। सीमा और सुमन एसएसपी ऑफिस के सामने सुबह 9 बजे से अपनी फरियाद सुनाने के लिए बैठी हैं, लेकिन शाम तक उनसे कोई मिलने वाला नहीं आया। आखिर में उन्होंने अपना कम्प्लेन जमा कराकर रिसीविंग लेकर वापस आ गए।

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