S 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम: पाक की 39 मिसाइल को एक साथ उड़ा सकेगा भारत

S 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम: पाक की 39 मिसाइल को एक साथ उड़ा सकेगा भारतएस 400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम

लखनऊ। गोवा में ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन से पहले शनिवार को भारत और रूस के बीच 39,000 करोड़ के 16 समझौते पर हस्ताक्षर किये गये। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन गर्मजोशी से मिले। दोनों देशों के बीच हुए इन समझौतों के बाद भारत का रक्षा कवच मजबूत होगा।

भारत को मिलेंगे 200 'कॉमोव केए-226टी' हेलिकॉप्टर

भारत रूस से रक्षा समझौते में 200 'कॉमोव केए-226टी' हैलिकॉप्टर खरीदेगा। ऐसे में 200 हैलिकॉप्टर भारतीय सेना को मिलेंगे। इन 200 हैलिकॉप्टर में से 40 हैलिकॉप्टर रूस से आएंगे बल्कि शेष 160 हैलिकॅप्टर मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत भारत में ही बनाये जाएंगे।

यह है कॉमोव हैलिकॉप्टर की खासियत


कॉमोव केए-226टी’ हेलिकॉप्टर

असल में कॉमोव केए-226टी हैलिकॉप्टर एक हल्का और मल्टीपरपज हैलिकॉप्टर है। इसका निर्माण कॉमोव कंपनी की ओर से किया जाता है। इस हैलिकॉप्टर में आधुनिक नेविगेशन उपकरण का उपयोग किया गया है। ऐसे में इन हैलिकॉप्टर का उपयोग शहरी और ग्रामीण, दोनों जगहों पर आसानी से किया जा सकेगा। वहीं, इस हैलिकॉप्टर का पिछला हिस्सा छोटा होने की वजह से इसे छोटे हवाईअड्डों पर भी उतारा जा सकेगा। इतना ही नहीं, यह हैलिकॉप्टर बहुत ही कम ध्वनि प्रदूषण करता है। इस हैलिकॉप्टर की एक और खासियत है कि इसमें रिप्लेकेबल ट्रांसपोर्ट मॉड्यूल लगा हुआ है, इससे यह हैलिकॉप्टर कम समय में अपनी कार्यक्षमता बदलने में सक्षम होगा।

एस 400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर भी हुआ समझौता

इसके अलावा भारत रूस से पांच एस 400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदेगा। एस 400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम से 400 किलोमीटर दूर से आ रहे दुश्मन के एयरक्राफ्ट गिराने की क्षमता रहेगी। वहीं पाकिस्तान या चीन की 36 न्यूक्लियर पॉवर्ड बैलिस्टिक मिसाइलों को एक ही समय में एक साथ टारगेट कर सकेगा। इतना ही नहीं, स्टील्ड मोड के फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट भी मार गिराने की झमता रखता है। इसकी खूबी यह भी है कि अमेरिका का एफ-35 भी इसके मिसाइल से नहीं बच सकता है। इस मिसाइल से भारत का रक्षा कवच बेहद मजबूत हो सकेगा।

इन समझौतों पर बनी बात

हाथ मिलाते रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

- भारत ने सिविल न्यूक्लियर पावर (कुडनकुलम-2, 3, 4) के लिए रूस के साथ समझौते किए हैं। ऐसे में रूसी रियेक्टरों को भारत में निर्माण करने पर भी सहमति बनी।

- दोनों देशों के नागरिकों और रजनयिक पासपोर्ट रखने वालों की आवाजाही के लिए कुछ श्रेणियों में नियम क़ायदों को सरल बनाया जाएगा।

- आंध्र प्रदेश में लॉजिस्टक सिस्टम, स्मार्टसिटी मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित करने पर समझौता किया गया। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में साइंस और टेक्नोलॉजी के ज्वाइंट डेवलपमेंट और ट्रांसफर पर भी सहमति बनी है।

- इसके अलावा दोनों देशों के बीच गैस पाइपलाइन बनाने पर ज्वाइंट रिसर्च के लिए एमओयू साइन किया गया है।

- भारत और रूस के बीच इनवेस्टमेंट फंड को भी बनाने पर सहमति हुई है।

- वहीं, रेलवे सेक्टर में ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए भारत औ रूस रेलवे के बीच करार हुआ है।

- रूस और भारतीय अंतरिक्ष संगठनों के बीच सहयोग पर समझौता हुआ।

- तेल, गैस, विज्ञान, वाणिज्य, अंतरिक्ष और व्यापार के क्षेत्र में हुए समझौते।

- भारतीय विदेश मंत्रालय और रूसी विदेश मंत्रालय के बीच सहयोग से जुड़ा समझौता किया गया।

First Published: 2016-10-15 16:47:20.0

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