प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ लिया योग सत्र में भाग 

प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ लिया योग सत्र में भाग मोदी ने एसवीपीएनपीए में शहीद स्तम्भ पर श्रद्धांजलि देते हुए पुष्प अर्पित किए।

हैदराबाद (भाषा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों, घुसपैठ और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की समस्याओं पर केंद्रित वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में एकत्र हुए देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ एक घंटे तक चले योग सत्र में आज भाग लिया। मोदी ने इसके बाद यहां एसवीपीएनपीए में शहीद स्तम्भ पर श्रद्धांजलि देते हुए पुष्प अर्पित किए।

प्रधानमंत्री ने एसवीपीएनपीए में पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और अकादमी परिसर में पौधारोपण किया। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों के तीन दिवसीय सम्मेलन का कल यहां उद्घाटन किया था। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू और हंसराज गंगाराम अहीर के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और गृह सचिव राजीव महर्षि ने भी समारोह में शिकरत की। प्रधानमंत्री आज दिन भर शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करेंगे और इसके बाद वह शाम को दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा, ‘‘सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भारतीयों को पश्चिम एशिया के आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए फुसलाने की समस्याओं और आतंरिक सुरक्षा के अन्य मामलों पर बैठक में चर्चा की जाएगी।''

विभिन्न पुलिस बलों में रिक्त स्थानों पर नियुक्तियां करने, पुलिस बलों में सुधार करने, नशीले पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी जैसे मामलों पर भी सम्मेलन में विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शीर्ष पुलिस अधिकारियों से बातचीत करेंगे और आंतरिक सुरक्षा स्थिति और पुलिस कर्मियों संबंधी विभिन्न पहलुओं पर उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करेंगे।

स्वतंत्रता के बाद से तीसरी बार यह सम्मेलन दिल्ली के बाहर आयोजित हो रहा है। यह 2014 में गुवाहाटी और पिछले साल गुजरात के कच्छ में हुआ था। डीजीपी और आईजीपी की बैठक दिल्ली के बाहर आयोजित करने का विचार मोदी ने 2014 में सत्ता में आने के बाद पेश किया था। इस सम्मेलन में राज्यों के करीब 100 डीजीपी, केंद्रीय अर्द्धसैन्य बलों के महानिदेशक और उनके महानिरीक्षक हिस्सा ले रहे हैं।

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